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जीएसटी दरों में बड़े बदलाव पर सहमति

प्रकाशित Fri, 10, 2017 पर 14:42  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जीएसटी को लागू हुए चार महीने बीत चुके हैं। इन चार महीनों में जीएसचटी में कई तरह के फेरबदल किए गए। लेकिन आज काउंसिल की बैठक में जीएसटी में अब तक के सबसे बड़े फेरबदल पर सहमति बन गई है। आम लोगों को राहत देने के लिए 28 फीसदी स्लैब में 177 आइटम्स पर अब 18 फीसदी जीएसटी लगेगा। इसके अलावा कई आइटम्स पर जीएसटी 18 फीसदी से घटाकर 12 और 5 फीसदी कर दिया गया है। जीएसटी दरों में किए गए बदलाव 15 नवबंर से लागू होगें।


रेस्टोरेंट और होटल इंडस्ट्री को सरकार की ओर से बड़ी राहत दी गई है। रेस्टोरेंट और होटल पर 5 फीसदी जीएसटी लगेगा। रेस्टोरेंट, होटल को इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलेगा। हालांकि 7500 रुपये प्रति दिन किराए वाले होटलों पर 18 फीसदी जीएसटी वसूली जायेगी और इन 18 फीसदी जीएसटी वाले होटलों को टैक्स क्रेडिट मिलेगा।


सरकार ने कम्पोजीशन स्कीम के कारोबारियों को राहत दी है। कम्पोजीशन स्कीम का दायरा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये किया गया है।  इतना ही नहीं कारोबारियों को अब सिर्फ 3 महीने में एक बार ही जीएसटीएनआर-1 भरना होगा।


चॉकलेट, चुइंग गम, शैम्पू, वॉशिंग पाउडर, फर्नीचर, मेकअप आइटम, मार्बल, ग्रेनाइट, शेविंग क्रीम, बिजली के सामान और सैनिटरी आइटम पर जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किए जाने पर सहमति बनी है।


खाजा, अनारसा, चिक्की पर 18 फीसदी जीएसटी दरें घटाकर 5 फीसदी की गई है जबकि पास्ता, कॉटन, जूट हैंडबैग पर जीएसटी 12 फीसदी तय की गई है। फ्लाई ऐश, फ्लाई ऐश ब्रिक पर 18 फीसदी से घटकर 5 फीसदी तय किया गया है। अब केवल 50 फीसदी आइटमों पर ही 28 फीसदी जीएसटी लगेगा।


जीएसटी की दरें घटाने पर काउंसिल की बैठक में शामिल बिहार के वित्त मंत्री सुशील मोदी ने कहा कि जीएसटी की दरों में कमी से राजस्व में सालाना 20,000 करोड़ रुपये की कमी आएगी। लेकिन, टैक्स संग्रह की स्थिति को ठीक किया जा सकता है और इससे राजस्व में अंतर को कम कर सकते हैं।


वहीं जीएसटी पर बात करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जरूरी आइटमों पर जीएसटी दरें घटाईं गई है। हालांकि इससे केंद्र को 60,000 करोड़ रुपये और राज्यों को 30,000 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा होगा। उन्होंने आगे कहा कि 2 आइटम को 28 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी में लाया गया जबकि 8 आइटम को 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी में लाया गया है। वहीं 6 आइटम को 5 फीसदी से घटाकर नो जीएसटी दायरे यानि 0 फीसदी में लाया गया जबकि 13 आइटम को 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी में लाया गया है।


रिटर्न फाइलिंग की तारीख बढ़ी है। अब 31 मार्च तक रिर्टन फाइल कर सकते हैं। जीएसटीआर-2 की समीक्षा के लिए कमिटी का गठन किया जायेगा।