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जीएसटीः नए पैकेज के साथ री-लॉन्च, किए गए बड़े बदलाव

प्रकाशित Sat, 11, 2017 पर 09:55  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जीएसटी में बड़े बदलाव हुए है। सरकार ने जीएसटी की दोबारा पैकजिंग कर इसे रीलॉन्च किया है। नए जीएसटी में आम आदमी और कारोबारियों दोनों को खुश करने की कोशिश की गई है। गुवाहटी में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में करीब 215 आइटम सस्ते कर दिए गए है। 178  आइटम को 28 फीसदी टैक्स स्लैब से निकालकर 18 फीसदी पर डाल दिया गया है।


इधर रेस्टोरेंट में भी खाना खाना सस्ता हो गया है। काउंसिल ने एसी और नॉन एसी रेस्टोरेंट में जीएसटी की दर को 5 फीसदी कर दिया है। इससे पहले रेस्टोरेंट को दो अलग-अलग श्रेणियों में 12 और 18 प्रतिशत के दायरे में रखा गया था। नई दरें 15 नवंबर से लागू होंगी। इसी तरह से कंपोजिशन और टर्न फाइल करने के नियमों में भी ढील दी गई है। जीएसटी काउंसिल के फैसलों के बाद खुद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने समझाया कि आखिर क्यों ज्यादातर आइटम को 28 से 18 फीसदी के स्लैब में रखा गया है।


इसके अलावा वित्त मंत्री ने ये भी कहा कि होटल और रेस्टोरेंट वाले इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा ग्राहकों को नहीं दे रहे थे। इसलिए सरकार ने इसे हटाने क फैसला लिया।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की सिफारिशों से लोगों को और ज्यादा फायदा होगा। साथ ही कर प्रणाली भी मजबूत होगी। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि जनभागेदारी ही सरकार के कामकाज का आधार है और सरकार के सभी फैसले जनहित में और लोगों को केंद्र में रखकर लिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ये सिफारिशें हमें जीएसटी पर विभिन्न पक्षों से लगातार मिल रहे सुझावों की भावनाओं के अनुरूप की गई हैं। 


रेस्टोरेंट में खाने पर टैक्स कम होने का फैसले का दिल्ली के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे ग्राहकों को फायदा मिलेगा। सीएनबीसी-आवाज़ से एक्सक्लूसिव बातचीत में मनीष सिसोदिया ने कहा कि रेस्टोरेंट में 5 फीसदी टैक्स से ग्राहकों तक आईटीसी का फायदा पहुंचेगा। कम टैक्स दर में ज्यादा कंप्लायंस होगा। वहीं पेट्रोलियम, रियल एस्टेट को जीएसटी में शामिल करने पर चर्चा नहीं हुई है।


वहीं पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल का कहना है कि सरकार को 28 फीसदी की टैक्स दर को खत्म कर देना चाहिए। वहीं छत्तीसगढ़ के वाणिज्य मंत्री अमर अग्रवाल ने कंपोजिशन स्कीम का दायरा बढ़ने के फैसले का भी स्वागत किया है। इधर, स्पेशियलिटी रेस्टोरेंट के फाउंडर अंजन चटर्जी ने जीएसटी दरें कम करने के फैसले का स्वागत किया है। लेकिन इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा नहीं मिलने पर निराशा जताई है।