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डायबिटीज का ज्ञान, बचाएगा आपके अपनों की जान

प्रकाशित Tue, 14, 2017 पर 18:37  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

डायबिटीज यानि वो बीमारी जो इस वक्त दुनिया में सबसे ज्यादा जानें ले रही है, न हमारा इरादा आपको डराने का नहीं है बल्कि हम तो कह रहे हैं कि डायबिटीज से डरना नहीं, बल्कि उसका मुकाबला करना है। भारत में जिस तरह से डायबिटीज के मरीज बढ़ रहे हैं हमें दुनिया का डायबिटीज कैपिटल कहा जाने लगा है। देश में 7 करोड़ से ज्यादा डायबिटीज के मरीज हैं लेकिन चिंता की बात ये है कि इनमें से करीब आधों को तो ये बात पाता ही नहीं है।


देश की 10 फीसदी से ज्यादा आबादी प्री डायबिटिक है पर वो भी इससे अनजान है, लेकिन थोड़ी सी जागरूकता आपकी सेहत में जमीन आसमान का फर्क ला सकती है। तो वर्ल्ड डायबिटीज डे पर यही हमारा मिशन है कि हम डायबिटीज को पहचानना, जनना और उससे लड़ने का संकल्प लें और इस शुभकार्य में हमारा साथ देने के लिए कुछ खास मेहमान हमारे साथ हैं।


इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक डायबिटीज के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। दुनियाभर में 41.5 करोड़ लोगों को डायबिटीज है। 2040 तक 64 करोड़ डायबिटीज के मरीज हो सकते हैं। भारत में 6.92 करोड़ लोग डायबिटीज के शिकार है। 10 सालों में डायबिटीज के मरीज दोगुना हो सकते हैं। 47.3 फीसदी मरीजों को डायबिटीज का पता नहीं चलता जबकि 10.3 फीसदी लोगों में प्री-डायबिटीज के लक्षण है।


डायबिटीज के लक्षण को आसानी से पहचाना जा सकता है। डायबिटीज में  बार-बार प्यास लगना, गला सूखना, बार-बार भूख लगना, शरीर में कमजोरी आना, सांस फूलना, बार-बार पेशाब आना, आंखों से कम या धुंधला दिखना, जख्म देर से भरना, सर्द मौसम में पसीना आना और घबराहट होना।


खराब लाइफस्‍टाइल, अधिक मात्रा में जंक फूड खाना और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों का सेवन करना डायबिटीज के लक्षण है। सामान्य से ज्यादा वजन, मोटापाजीन एवं पारिवारिक इतिहास भी लक्षण है।


डायबिटीज से बचने के सरल उपाय है। रोजाना कम से कम 30-45 मिनट व्यायाम करें। सही समय पर सही आहार लें। फल, सब्जियों और अनाज का सेवन फायदेमंद होता है। लंबे समय तक खाली पेट न रहें। वजन पर नियंत्रण रखें। रोजाना 7-8 घंटे की नींद जरूरी है। शराब, सिगरेट का सेवन न करें और तनाव से दूर रहें। 


डायबिटीज के रोगी को डाइट करना आसान है। कम कैलरी वाला भोजन लें, फास्ट फूड न खाएं, चावल, घी, मक्खन, आलू कम से कम खाएं। खाने के बाद मीठे की आदत छोड़ें। आटे की बजाय चने की रोटी खाएं। पैकेज्ड जूस की जगह फल खाएं। भोजन में करेला, मेथी, बैंगन, परवल जैसी चीजें ज्यादा खाएं। अंकुरित चना, सत्तू, बाजरा, अंकुरित दालें खाएं।


डायबिटीज के कारण किडनी फेल हो सकती है। हार्ट अटैक का खतरा अधिक बढ़ सकता है। साथ ही लिवर खराब होने का खतरा रहता है। आंखों की रोशनी कम हो सकती है। ग्लॉकोमा होने का खतरा भी बढ़ सकता है।


शरीर के पैंक्रियाज में इंसुलिन पहुंचना कम हो जाता है। इंसुलिन घटने से खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। इसी स्थिति को डायबिटीज कहते हैं। इंसुलिन शरीर में शुगर की मात्रा को कंट्रोल करता है। डायबिटीज के दो प्रकार होते हैं जैसे- टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज। टाइप-1 में बचपन में ही पैंक्रियाज कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं। ये जेनेटिक, वायरल संक्रमण के कारण होता है। ये बीमारी 12-25 साल से कम उम्र में होती है। टाइप-2 में ब्लड शुगर स्तर बहुत बढ़ जाता है। ये बीमारी किसी को भी हो सकती है। खराब लाइफस्टाइल की वजह से होती है टाइप-2 डायबिटीज होने की संभावनाएं अधिक होती है।