Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

ट्राई ने जारी की नेट न्यूट्रैलिटी पर सिफारिशें

प्रकाशित Tue, 28, 2017 पर 12:43  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

ट्राई ने नेट न्यूट्रैलिटी पर अपनी सिफारिशें दे दी हैं जिसमें कहा गया है कि टेलीकॉम कंपनियों को बिना भेद-भाव के एक्सेस देना होगा। कंपनियां किसी की स्पीड घटा या बढ़ा नहीं सकेंगी। इस सिफारिश में ये भी कहा गया है कि टेलीकॉम कंपनियां करार करके नेट सेवाएं दें।


ट्राई ने नेट न्यूट्रैलिटी पर सुझाव देते हुए लाइसेंस एग्रीमेंट में संशोधन की भी सिफारिश की है। ट्राई का कहना है कि सर्विस प्रोवाइडर सेवा उपलब्ध करवाने में भेदभाव नहीं कर सकता। उसको सबको एक तरह का कंटेट मुहैया करवाना चाहिए। ट्राई के मुताबिक इंटरनेट ऑफ थिंग्स नेट न्यूट्रैलिटी में शामिल है। कंपनियां स्पीड घटा या बढ़ा नहीं सकतीं।


इस पर ट्राई के चेयरमैन आर एस शर्मा ने कहा कि कुछ सेवाएं नेट न्यूट्रलिटी के दायरे से बाहर हैं। इंटरनेट सभी के लिए सामान रूप से खुला है। इंटरनेट की ग्रोथ से देश की ग्रोथ जुड़ी है। 10 फीसदी इंटरनेट की पंहुच बढ़ने से 1.4 फीसदी जीडीपी बढ़ती है। नेट न्यूट्रैलिटी देश के लिए अहम मुद्दा है।


उन्होंने आगे कहा कि इंटरनेट के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता। कोई भी सर्विस प्रोवाइडर बेवसाइट ब्लॉक नहीं कर सकते। साथ ही इंटरनेट की स्पीड से छेड़छाड़ ठीक बात नहीं है। सर्विस प्रोवाइडर गेटकीपर का रोल ना निभाएं, क्या देखना है क्या नहीं इसका फैसला कंज्यूमर करेगा।


सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानि सीओएआई के डायरेक्टर जनरल राजन मैथ्यूज का कहना है कि ट्राई की सिफारिशें इंडस्ट्री की मांग के मुताबिक हैं। हालांकि सीओएआई ने नेट न्यूट्रैलिटी में इंटरनेट ऑफ थिंग्स को शामिल करने पर चिंता जताई है।