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बुलंद भारत के भरोसेमंद शेयर, कर देंगे आपको मालामाल

प्रकाशित Tue, 28, 2017 पर 13:25  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सीएनबीसी-आवाज़ की हमेशा ये कोशिश होती है कि आपको वक्त से पहले और किस्मत से ज्यादा मिले। आज के शो का अंदाज भले ही अनोखा हो लेकिन मकसद होता है आपको फायदा पहुंचाना। भारत 22 ईटीएफ को मिले अच्छे रिस्पॉन्स के बाद हमने सोचा कि इनसे अलग ऐसे नवरत्नों के बारे में बताएं जो आगे चलकर महारत्न साबित हो सकते हैं तो आइए जानते हैं बुलंद भारत के 9 भरोसेमंद शेयर।


मॉयल


मॉयल मिनीरत्न सरकारी कंपनी है, केंद्र सरकार के पास इसमें 56.21 फीसदी हिस्सा है। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सरकार के पास इस कंपनी का कुल 9.37 फीसदी हिस्सा है। कंपनी घरेलू बाजार में हाई ग्रेड मैगनीज ओर की एकमात्र उत्पादक है। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में इसकी 10 खानें हैं। कंपनी का मार्केट कैप 6600 करोड़ रुपये है, इसके पास 2100 करोड़ रुपये की नकदी है।


कॉनकोर


कॉनकोर एक सरकारी नवरत्न कंपनी है जिसमें सरकार की 54.8 फीसदी हिस्सेदारी है। इस लॉजिस्टिक्स कंपनी, के पास 63 कंटेनर डिपो का नेटवर्क है। कंटेनर रेल कार्गो हैंडलिंग कारोबार में कंपनी का 79 फीसदी मार्केट शेयर है। कंपनी को नए फ्रेट कॉरिडोर का फायदा मिलेगा। कंपनी वित्त वर्ष 2018 में 7 नए मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क शुरू करेगी। 2020 तक कंपनी की 100 नए टर्मिनल शुरू करने की योजना है।


आरसीएफ


आरसीएफ में सरकार की 75 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी फर्टिलाइजर और केमिकल बनाती है। ट्रॉम्बे (मुंबई) और थाल (रायगढ़) में कंपनी के प्लांट हैं। आरसीएफ यूरिया, कॉम्प्लेक्स फर्टिलाइजर, बायो-फर्टिलाइजर बनाती है। गैस की उपलब्धता बढ़ने और ग्रामीण इलाकों में खर्च बढ़ने से कंपनी को फायदा होगा। बेहतर मॉनसून और सरकार के फैसलों से भी फायदा मिलेगा।


बामर लॉरी एंड कंपनी


बामर लॉरी एंड कंपनी के आय और मुनाफे में लगातार बढ़त जारी है। कंपनी का डिविडेंड देने का बढ़िया ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। कंपनी के पास अच्छे वैल्युएशन वाली रियल एस्टेट प्रॉपर्टी हैं। कंपनी ने लंबी अवधि का रोडमैप बनाने के लिए पीडब्ल्यूसी को नियुक्त किया है।


टूरिज्म फाइनेंस कॉरपोरेशन


इस कंपनी में सरकार की 34.14 फीसदी हिस्सेदारी है। ये टूरिज्म प्रोजेक्ट्स को फंड करने वाली एकमात्र सरकारी कंपनी है। कंपनी थीम पार्क, टूरिस्ट ट्रेन, रेस्टोरेंट प्रोजेक्ट्स की भी फंडिंग करती है। टूरिज्म प्रोमोशन पर सरकार के फोकस से इसके फायदा होगा। टूरिज्म में पिछले 3 साल में भारत की रैंकिंग 25 पायदान सुधरी है। मैनेजमेंट को लोन बुक ग्रोथ और एसेट क्वालिटी बेहतर होने का भरोसा है।


शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया


शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया में सरकार की 63.75 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी भारत से दूसरे देशों में सामान पहुंचाती है। कंपनी के फ्लीट में बल्क कैरियर्स, ऑयल टैंकर्स, कंटेनर वेसेल्स, गैस कैरियर्स शामिल हैं। ग्लोबल व्यापार बढ़ने का सबसे ज्यादा फायदा इसी को मिलेगा। क्रूड कीमतें बढ़ने से ऑयल टैंकर कारोबार बढ़ेगा। बाल्टिक इंडेक्स में रिकवरी से फ्लीट वैल्युएशन भी बढ़ेगा।


हिंदुस्तान कॉपर


हिंदुस्तान कॉपर में सरकार का 76.05 फीसदी हिस्सा है। ये भारत की एकमात्र कॉपर माइनिंग कंपनी है। अच्छी क्वालिटी वाले कॉपर रिजर्व में कंपनी का दो तिहाई हिस्सा। कॉपर की बढ़ती कीमतों का फायदा हिंदुस्तान कॉपर के मिल रहा है। कंपनी बंद पड़ी माइंस को फिर से शुरू कर उत्पादन बढ़ाएगी। कंपनी अपनी क्षमता 34 लाख से बढ़ाकर 1.24 करोड़ टन कर रही है।


कोचीन शिपयार्ड


कोचीन शिपयार्ड में सरकार की 75 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी शिप बनाने और शिप के मरम्मत का कामकाज करती है। कंपनी के पास 39 फीसदी मार्केट शेयर है, इसने कई मुश्किल प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं। कंपनी का कैश बैलेंस बेहतर और ऑर्डर बुक मजबूत है। एयरक्राफ्ट कैरियर्स के ऑर्डर से कंपनी को फायदा होगा।


हुडको


हुडको मिनी रत्न कंपनी है जो हाउसिंग और शहरी इंफ्रा से जुड़ा कारोबार करती है। सरकार की योजनाओं को पूरा करने में इसका अहम योगदान है। कंपनी सरकार के हाउसिंग डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए कर्ज देती है। सरकार की सस्ते घरों की स्कीम से इसको बड़ा फायदा मिलेगा। कंपनी का मौजूदा कैपिटल एडीक्वेसी रेश्यो 64 फीसदी है। इसकी क्रेडिट रेटिंग बेहतर और फंड्स की लागत कम है।