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ग्रोथ ने पकड़ी रफ्तार, जीडीपी बढ़कर 6.3%

प्रकाशित Thu, 30, 2017 पर 17:35  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इकोनॉमी के लिए आज अच्छी खबर आई। लगातार 5 तिमाही यानी 15 महीनों की गिरावट के बाद ग्रोथ ने रफ्तार पकड़ी है। दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 6.3 फीसदी हो गई है। जबकि ये पहली तिमाही में 5.7 फीसदी ही थी। जीडीपी में ये तेजी मैन्युफैक्चरिंग की बदौलत आई है। मैन्युफैक्चरिंग की ग्रोथ 1.2 फीसदी से बढ़कर 7 फीसदी पर पहुंच गई है। वार्षिक आधार पर देखें तो वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी 7.5 फीसदी पर रही थी।


तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में जीवीए में भी सुधार देखने को मिली है और ये पहली तिमाही के 5.6 फीसदी से बढ़कर 6.1 फीसदी पर रहा है। अगर वार्षिक आधार पर देखें तो वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में जीवीए 6.8 फीसदी रहा था।


तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 1.2 फीसदी से बढ़कर 7 फीसदी रही है। वार्षिक आधार पर वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 7.7 फीसदी रही थी। तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में सर्विस सेक्टर की ग्रोथ 8.72 फीसदी से घटकर 7.1 फीसदी रही है। वहीं वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में सर्विस सेक्टर की ग्रोथ 7.8 फीसदी रही थी।


तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में ट्रेड, होटल्स, ट्रांसपोर्ट्स सर्विस सेक्टर की ग्रोथ 11.08 फीसदी से घटकर 9.96 फीसदी रही है जबकि वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में ट्रेड, होटल्स, ट्रांसपोर्ट्स सर्विस सेक्टर की ग्रोथ 7.7 फीसदी रही थी।


तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में फाइनेशिंयल, रियल एस्टेट सर्विस सेक्टर की ग्रोथ 6.44 फीसदी से घटकर 5.7 फीसदी रही है जबकि वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में फाइनेशिंयल, रियल एस्टेट सर्विस सेक्टर की ग्रोथ 7 फीसदी रही थी।


तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन सर्विसेस की ग्रोथ 9.53 फीसदी से घटकर 6 फीसदी रही है जो वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में 9.5 फीसदी पर रही थी।


जीडीपी ग्रोथ के अच्छे आंकड़ों से सरकार भी गदगद है। वित्त मंत्री ने कहा है जीडीपी ग्रोथ रेट की रफ्तार से साफ है कि नोटबंदी और जीएसटी का प्रभाव खत्म हो गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जीडीपी में तेजी आने वाली तिमाहियों में भी जारी रहेगी।


6 फीसदी से ऊपर ग्रोथ पर नीति आयोग का कहना है कि इकोनॉमी के बुरे दिन खत्म हुए और आने वाले दिनों मे तेज ग्रोथ की जमीन तैयार हो गई है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने जीडीपी ग्रोथ में बढ़ोतरी पर तो खुशी जताई है। लेकिन नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार को मजबूत रुपए को लेकर आरबीआई से बड़ी शिकायत है। उन्होंने कहा है कि मजबूत रुपये से देश के एक्सपोर्ट को खतरा पैदा हो सकता है।


इधर कर्ज सस्ता ना करने के लिए नीति आयोग ने बैंकों की खिंचाई की है। राजीव कुमार ने कहा है कि प्राइवेट निवेश को बढ़ाने के लिए कर्ज सस्ता करना जरूरी है।


इस बीच जीडीपी 6 फीसदी के पार पहुंचने पर वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने खुशी जताई है उनका कहना है कि मोदी सरकार के रिफॉर्म के फैसले अब असर दिखा रहे हैं।