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एग्री में ऑप्शंस की शुरुआत, क्या बदेलगी तस्वीर!

प्रकाशित Fri, 01, 2017 पर 16:56  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

कमोडिटी ऑप्शंस, कमोडिटी में हेजिंग का नया जरिया है जिससे कमोडिटी में हेजिंग आसान होगी लेकिन इससे पहले जान लेते है कि कमोडिटी ऑप्शंस क्या है।


ऑप्शंस, एक करार जो खरीदार को खरीदारी का हक देता है, लेकिन जरूरी नहीं कि किसी भी दाम पर या तय वक्त से पहले वह खरीदने या बेचने का फैसला लें। कॉल ऑप्शन फ्यू्चर के तहत बढ़ते दाम से सुरक्षा के लिए हेजिंग की जा सकती है जिसमें असीमित मुनाफे का मौका होता है। वहीं पुट ऑप्शन के तहत सीमित मुनाफे की संभवना के साथ गिरती कीमतों से सुरक्षा मिलती है।


पुट कॉन्ट्रैक्ट से किसानों को फायदा हो सकता है जिससे उनको पहले से तय मूल्य पर बेचने का मौका मिलता है। कॉल ऑप्शन के तहत संभावित गिरावट का आंकलन होता है और अंडरलाइन एसेट से सस्ता मिलता है।


कमोडिटी बाजार में उठापटक मौसम में बदलाव, सप्लाई और डिमांड कम या ज्यादा होने, ग्लोबल हालात, नीतिगत बदलाव और आर्थिक आंकड़े के कारण होता है।


एनसीडीईएक्स पर ग्वार में ऑप्शंस एग्री कमोडिटी में ट्रेडिंग का नया विकल्प है। ये एनसीडीईएक्स पर सबसे ज्यादा कारोबार वाली कमोडिटी है। वायदा में रोजाना 400-600 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। सालाना करीब 4000 करोड़ रुपये का ग्वार गम एक्सपोर्ट होता है। ग्लोबल ग्वार मार्केट में भारत की 85 फीसदी हिस्सेदारी है।


ऑप्शंस से वायदा के मुकाबले ट्रेडिंग करना आसान होगा। इससे किसानों का नुकसान कम और मुनाफा अधिक होने की संभावनाएं है। कमोडिटी में हेजिंग का बेहतर विकल्प मौजूदा है। हालांकि किसान इसका फायदा उठा सकें उसके लिए किसानों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। बाजार पर ज्यादा पाबंदियां न लगें और बार-बार नीतियों में बदलाव न हो ताकि ऑप्शंस का फायदा किसानों को मिल सकें।