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जानें पीएफ का पैसा कहां होता है निवेश!

प्रकाशित Mon, 04, 2017 पर 09:58  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी के पास है आपकी हर आर्थिक उलझन का जवाब। निवेश की शुरुआत से लेकर लक्ष्य पाने तक आने वाली हर अड़चन को दूर करेगा योर मनी। छोटे-छोटे निवेश से कैसे बनेगा बड़ा कॉर्पस या किस फंड में मिलेगा मोटा मुनाफा, ये सब हम जानेंगे आज। हमारे साथ मौजूद है वाइसइन्वेस्ट एडवाइजर्स हेमंत रुस्तगी।


हेमंत रुस्तगी का कहना है कि प्रॉविडेंट फंड में नौकरी के दौरान रिटायरमेंट के लिए कुछ पैसा कटता है। आमतौर पर बेसिक का 12 फीसदी हिस्सा पीएफ में कटता है। जितना हिस्सा कर्मचारी का उतना ही हिस्सा एम्पलॉयर भी देता है। साल 2017-2018 के लिए सालाना 8.65 फीसदी दर से ब्याज मिलता है।


उन्होंने आगे बताया कि एंप्लॉइ पेंशन स्कीम के तहत रिटायरमेंट के लिए सेविंग का एक अलग विकल्प है। एंप्लॉयर के ईपीएफ के 12 फीसदी हिस्से में से 8.33 फीसदी हिस्सा ईपीएस में जाता है। बेसिक सैलेरी 15,000 रुपये प्रति माह से ज्यादा होने पर ईपीएस हिस्सा 8.33 फीसदी पर सीमित है। बाकी हिस्सा ईपीएस में निवेश होता है।


के मुताबिक में वॉलेटरी प्रोविडेंट फंड में पीएफ के तहत कवर हो रहे लोगों के लिए होता है। अपनी इच्छा के मुताबिक पीएप में निवेश बढ़ा सकते हैं। पीएफ के मुताबिक ही ब्याज में मिलता है। वॉलेटरी प्रोविडेंट फंड में एंप्लॉयर 12 फीसदी से ज्यादा देने के लिए बाध्य नहीं है। 


बता दें कि अब आपकी पीएफ की रकम ईटीएफ और रुपए में दिखेगी। ईटीएफ  यानि एक्सचेंज ट्रेडेड फंड। आपको बता दें कि पीएफ खाते का पैसा ईपीएफओ  ईटीएफ के जरिए बाजार में लगाता है। ईपीएफओ अपने कुल जमा की 15 फीसदी रकम ईटीएफ में लगाता था। अब आपको अपने पीएफ खाते में 4 फीसदी रकम ईटीएफ यूनिट के तौर पर दिखेगी। बाकी रकम कैश के तौर पर पीएफ खाते में दिखेगी। ये पूरा पेंच क्या है, इससे आप पर पड़ेगा कितना असर ये बताने के लिए हमारे साथ जुड़ रहे हैं बजाज कैपिटल के विश्वजीत पराशर।


अब आपकी पीएफ की रकम ईटीफ और रुपये में दिखेगी । ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में फैसला हुआ है कि फिलहाल 4 फीसदी रकम ईटीफ यूनिट के तौर पर दिखेगी। बाकी रकम रकम कैश के तौर पर पीएफ खाते में दिखेगी। लेकिन भविष्य में ईटीएफ यूनिट का प्रतिशत बढ़ सकता है।


ईपीएफओ फिलहाल आपके फंड का 15 फीसदी ईटीएफ के जरिए शेयर बाजार में निवेश करता है। यही नहीं ईपीएफओ ने अब निजी क्षेत्र के डबल ए प्लस बॉन्ड्स में भी निवेश का फैसला किया है। इसके पहले वो ट्रिपल ए रेटिंग वाले बॉन्ड्स में ही निवेश करता था।