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टैक्स गुरुः समझें सोने पर टैक्स की देनदारी

प्रकाशित Mon, 04, 2017 पर 13:11  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन की सलाह।


बलवंत जैन का कहना है कि विवाहित महिला 500 ग्राम तक सोना रख सकती है। अविवाहित महिला 250 ग्राम गोल्ड रख सकती है। वहीं पुरुष के लिए सोना रखने की सीमा 100 ग्राम तय की गई है। गोल्ड रखने की लिमिट ज्वैलरी पर लागू होती है। हालांकि सोने के सिक्कों पर कोई लिमिट नहीं रखी गई है, लेकिन सिक्कों पर खरीदारी का सोर्स दिखाना होगा।


सवालः ज्वांइट नेम पर कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदी है और उसके लिए लोन लिया है, इसके अलावा कोई कर्ज नहीं है। प्रॉपर्टी से सबको किराया मिलता है, क्या लोन पर चुकाया हुआ ब्याज टैक्सेबल इनकम से घटेगा? और अगर हां तो 2 लाख रुपये या पूरा चुकाया हुआ ब्याज?


बलवंत जैनः सेक्शन 26 में दी गई ज्वाइंट ओनरशिप की जानकारी दी गई है। संपत्ति का अपना हिस्सा इनकम में बताना होगा। किराए की जानकारी भी देनी होगी। 30 फीसदी का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा। लोन के हिस्से पर छूट मिलेगी। 70 फीसदी किराए में से ब्याज घटाने के बाद 2 लाख रुपये सेटऑफ कीजिए।


सवालः मां के नाम पर एफडी में पैसे निवेश किए थे, मां सीनियर सिटीजन हैं। मां अब पैसे वापस देना चाहती है। क्या मुझे या मां को कोई टैक्स देना होगा?


बलवंत जैनः इनकम टैक्स के तहत कोई देनदारी नहीं है। मां से बेटी को गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं लगता है। बेटी से मां को गिफ्ट पर भी कोई टैक्स नहीं लगता। सेक्शन 56(2) के तहत गिफ्ट की कोई लिमिट नहीं है।