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प्रदूषण पर वार, कब करोगे सरकार!

प्रकाशित Tue, 05, 2017 पर 10:46  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर से बढ़ने लगा है। वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। अस्थमा, दिल के मरीजों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। दिवाली के बाद से ही दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है लेकिन एनजीटी के निर्देश के बावजूद दिल्ली सरकार कोई एक्शन प्लान नहीं बना पाई है। बढ़ते प्रदूषण का असर दिल्ली की छवि पर भी पड़ रहा है। रविवार को इसकी वजह से भारत-श्रीलंका के बीच क्रिकेट मैच रोकना पड़ा। तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिरकार सरकार प्रदूषण से निपटने के उपाय क्यों नहीं कर रही? दिल्ली सरकार के पास इससे निपटने का कोई एक्शन प्लान है भी या नहीं?


दिल्ली की जहरीली हवा के कारण दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा रहा है। जिसके कारण वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचा गया है। आलम यह है कि लोगों को सांस लेने में मुश्किल हो रही है और मंगलवार तक प्रदूषण बढ़ने की चेतावनी दी गई है। अस्थमा, दिल के मरीजों को हो रही दिक्कत हो रही है। हालात ऐसे ही कि लोग मास्क पहनकर निकल रहे है।


एनजीटी ने दिल्ली सरकार को फिर एक बार प्रदूषण पर फटकार लगाई हैं। दरअसल एनजीटी ने दिल्ली समेत चार पड़ोसी राज्यों को 28 नवंबर तक प्रदूषण पर एक्शन प्लान जमा करने को कहा था। लेकिन अब तक एक्शन प्लान जमा न करने पर एनजीटी ने दिल्ली सरकार को जमकर फटकार लगाई है। उसने दिल्ली सरकार को एक्शन प्लान पर अल्टीमेटम देते हुए 48 घंटे में जमा करने का आदेश दिया है।


इसके अलावा रविवार को दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में भारत-श्रीलंका टेस्ट मैच कराने पर बीसीसीआई को भी एनजीटी ने फटकार लगाई है। एनजीटी ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर होने के बावजूद भी बीसीसीआई ने दिल्ली में मैच क्यों रखा।


बता दें कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर एनजीटी ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाई थी। एनजीटी की कड़ी टिप्पणी के बाद दिल्ली सरकार ने एनजीटी में दायर पुनर्विचार याचिका वापस ले ली थी। एनजीटी ने कहा कि डेढ़ साल में कई आदेशों के बावजूद आपने कुछ नहीं किया। इसके अलावा ऑड ईवन से दो पहिया वाहनों को बाहर रखने की दिल्ली सरकार की याचिका पर भी फटकार लगाई।


एनजीटी ने कहा था कि सबसे ज्यादा प्रदूषण टू व्हीकल्स से हो रहा है तो फिर उन्हें ऑड-ईवन से अलग क्यों रखा जाए। साथ ही कहा कि आर्थिक आधार पर प्रदूषण को लेकर किसी को भी रियायत नही दी जा सकती। एनजीटी ने दिल्ली सरकार से सवाल पूछा कि चार हजार नई बसें लाने के ऐलान पर क्या कार्रवाई हुई। एनजीटी ने पानी के छिड़काव के सुझाव को भी गंभीरता से न लेने के लिए दिल्ली सरकार को फटकार लगाई थी।