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आवाज़ अड्डा: ब्याज दर घटाने में कंजूसी, नहीं सुन रहा आरबीआई

प्रकाशित Wed, 06, 2017 पर 09:52  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

क्रेडिट पॉलिसी पर सीएनबीसी-आवाज़ का पोल कहता है कि मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी दरों में कटौती नहीं करेगी। इसके अलावा जानकार ये मानते हैं कि आरबीआई ग्रोथ अनुमान में फेरबदल कर सकता है। रेट कट की उम्मीद ना होने के पीछे कुछ ठोस कारण भी गिनाए जा रहे हैं। जैसे कि जून महीने में 1.54 फीसदी का स्तर छूने के बाद महंगाई दर अब 3.58 फीसदी पर पहुंच चुकी है। दूसरी तरफ 6 तिमाही गिरने के बाद जीडीपी ग्रोथ 5.7 फीसदी से बढ़कर 6.3 परसेंट हो गई है। मतलब आरबीआई पर ग्रोथ को सहारा देने का दबाव घट गया है।


आने वाले समय में महंगाई के और बढ़ने का खतरा है, सरकारी खर्च भी बढ़ सकता है और इसकी वजह से वित्तीय घाटे का लक्ष्य पूरा होने की संभावना भी कम दिखती है। लेकिन सरकार चाहती है कि आरबीआई रेट घटाए ताकि बैंकों और इकोनॉमी के हाथ खुलें और ग्रोथ को और तेजी दी जा सके। पिछले सप्ताह जीडीपी के आंकड़े आने के बाद हमने नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार से बात की तो उनकी बातों में भी आरबीआई और बैंकों के प्रति सरकार की यही शिकायत दिखाई दी।