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दिल्ली सरकार का एक्शन प्लान, घटेगा प्रदूषण!

प्रकाशित Thu, 07, 2017 पर 09:00  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम के लिए दिल्ली सरकार ने एनजीटी को एक्शन प्लान सौंप दिया है। वहीं एनजीटी ने दिल्ली, हरियाणा और पंजाब सरकार को कल तक डिटेल्ड प्लान सौंपने को कहा है। एक्शन प्लान में ऑड-इवन स्कीम में कोई छूट नहीं देने, प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचते ही कंस्ट्रक्शन पूरी तरह बंद करने की बात कही गई है। इसके अलावा दिल्ली में बाहरी ट्रकों की एंट्री पर रोक लगाई जाएगी और कचरा जलाने पर प्रतिबंध लगेगा। क्या दिल्ली सरकार का ये एक्शन प्लान प्रदूषण ने निपटने के लिए काफी है।


प्रदूषण पर एनजीटी की फटकार के बाद केजरीवाल सरकार ने प्रदूषण कम करने का एक्शन प्लान सौंप दिया है। सरकार ने कहा कि ऑड-ईवन के समय कोई छूट नहीं दी जाएगी। साथ ही सरकार ने कहा है कि प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचते ही कंस्ट्रक्शन के काम बंद कर दिए जाएंगे। बाहरी ट्रकों के दिल्ली में आने पर रोक लगेगी और कचरा जलाने पर रोक लगेगी।


हवा खराब होने से सांस लेने में दिक्कत होती है। सांस से संबंधित बीमारियां होती है। वायु प्रदूषण से अस्थमा रोगियों को तकलीफ होता है। दिल से संबंधित बीमारियां और ब्रेन स्ट्रोक भी होने का खतरा अधिक होता है।


वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। अस्थमा, दिल के मरीजों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। दिवाली के बाद से ही दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है लेकिन एनजीटी के निर्देश के बावजूद दिल्ली सरकार कोई एक्शन प्लान नहीं बना पाई है। बढ़ते प्रदूषण का असर दिल्ली की छवि पर भी पड़ रहा है। रविवार को इसकी वजह से भारत-श्रीलंका के बीच क्रिकेट मैच रोकना पड़ा। तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिरकार सरकार प्रदूषण से निपटने के उपाय क्यों नहीं कर रही? दिल्ली सरकार के पास इससे निपटने का कोई एक्शन प्लान है भी या नहीं?


दिल्ली की जहरीली हवा के कारण दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा रहा है। जिसके कारण वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचा गया है। आलम यह है कि लोगों को सांस लेने में मुश्किल हो रही है और मंगलवार तक प्रदूषण बढ़ने की चेतावनी दी गई है। अस्थमा, दिल के मरीजों को हो रही दिक्कत हो रही है। हालात ऐसे ही कि लोग मास्क पहनकर निकल रहे है।


बता दें कि प्रदूषण पर आई एक ग्लोबल रिपोर्ट के मुताबिक भारत में वायु प्रदूषण से होने वाली मौतें सबसे तेज रफ्तार से बढ़ रही हैं। इस रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि फिलहाल दुनिया में जितने लोगों की मौत वायु प्रदूषण से होती है उनमें चीन पहले और भारत दूसरे नंबर पर है। बॉस्टन में जारी हुई ग्लोबल एयर रिपोर्ट के मुताबिक भारत में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। प्रदूषण से होने वाली मौत भारत में सबसे तेज है। चीन के बाद भारत में प्रदूषण से सबसे ज्यादा मौतें हो रही हैं।


स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2017 रिपोर्ट से ये भी खुलासा हुआ है कि भारत में 2015 में वायु प्रदूषण से 10.90 लाख लोगों की मौत हुई है। पीएम 2.5 कण प्रदूषण से बीमारियों की सबसे बड़ी वजह हैं। 1990 से अब तक भारत में प्रदूषण से मौत की दर 48 फीसदी बढ़ी है। वहीं चीन में इसी अवधि में प्रदूषण से मौत की दर 17.22 फीसदी बढ़ी है। इस रिपोर्ट के मुताबिक ओजोन प्रदूषण से होने वाली मौत में भारत सबसे ऊपर है।