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महाराष्ट्र बंद का महाअसर, गरमाई सियासत

प्रकाशित Wed, 03, 2018 पर 13:11  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पुणे के कोरेगांव भीमा में भड़की जातीय हिंसा के विरोध में आज दलित सगंठनों के महाराष्ट्र बंद का भारी असर देखने को मिल रहा है। मुंबई, पुणे, ठाणे, औरंगाबाद और नासिक सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। ठाणे में तो रात 12 बजे तक के लिए धारा 144 लगा दी गई है। मुंबई में हाइवे जाम है तो रेलवे स्टेशन पर भी हंगामा हुआ है। डब्बावाला एसोसिएशन ने आज टिफिन सर्विस बंद कर दी। दादर और ठाणे रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों ने हंगामा किया। नालासोपारा में तो लोग रेलवे ट्रैक पर ही बैठ गए बाद में पुलिस ने ट्रैक खाली कराया। वहीं वेस्टर्न लाइन पर हंगामा को देखते हुए एसी लोकल की सेवाएं रोक दी गई हैं। उधर घाटकोपर और एयरपोर्ट के बीच मेट्रो सेवा ठप है। घाटकोपर में हाइवे को जाम कर दिया गया है तो पवई में भी तोड़फोड़ हुई है।


महाराष्ट्र की आग दिल्ली तक पहुंच गई है। महाराष्ट्र सदन के बाहर आईसा से जुड़े छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। ये छात्र हिंसा की न्यायिक जांच कराने के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। साथ ही महाराष्ट्र सरकार पर दोषियों के खिलाफ कर्रवाई ना करने का भी आरोप लगाया है।


पुणे के भीमा कोरेगांव में जातीय हिंसा के विरोध में आज लोकसभा और राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। लोकसभा में कांग्रेस ने पुणे हिंसा के लिए आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया तो सरकार ने कहा कि कांग्रेस मामले को और भड़काना चाहती है जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया। लोकसभा को कल 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।


राज्यसभा में भी पुणे हिंसा मामले पर हंगामा हुआ। विपक्ष ने सदन में मुद्दा उठाने की कोशिश की, लेकिन सभापति ने इजाजत नहीं दी जिसके बाद विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ते देख राज्यसभा को भी स्थगित करना पड़ा।


लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने हिंसा के पीछे आरएसएस का हाथ बताया है। वहीं केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस मामले का समाधान नहीं चाहती बल्कि इसे और भी भड़काना चाह रही है। उधर रामदास अठावले ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से शांति की अपील की और जिग्नेश मेवानी की वजह से दंगे भड़कने की बात से इंकार किया।


उधर दलित नेता प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि संभाजी भिड़े को हमने आरोपी बनाया, मोदी ने उसे अपना गुरू बताया है और उनके गुरू ने अराजकता मचाई है। दलित कार्यक्रम में शामिल लोगों को मारा है। अब मोदी को लोकसभा में बयान देना चाहिए।