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आवाज़ आंत्रप्रेन्योरः ऐप मार्केट में मची हलचल

प्रकाशित Sat, 06, 2018 पर 14:22  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

झटपट काम वो भी मोबाईल फोन पर वाकई में मोबाईल ऐप ने हमारे जिंदगी काफी आसान बना दी है और कंज्यूमर की ऐप पर बढती निर्भरता ने ऐप मार्केट में काफी हलचल मचाई हैं। ऐप्स की बढती डिमांड को सिद्दार्थ चंदुरकर ने 2010 में ही भांप लिया था और इन्होंने शुरू किया ShepHertz जो पिछले 7 सालों से ऐप बनाने के प्रोसेस को आसान बना रही हैं।


घर बैठे खाना मंगवाना हो,  घूमने के लिए कैब बुक करनी हो या बैंक अकाउंट ही क्यों ना खुलवाना हो, हर काम के लिए कोई न कोई ऐप या डिजिटल सॉल्यूशन आज मौजूद है। एप्लिकेशन और डिजिटाइजेशन की इसी प्रक्रिया को मुमकिन बनाने का काम कर रही है दिल्ली बेस्ड स्टार्टअप shephertz। किसी भी ऐप को डेवलप करने का काम आसान बनाने और उसमे लगने वाले वक्त को कम करने के मकसद से सिद्दार्थ चंदुरकर ने  shephertz की शुरुवात की। देश में चली डिजिटाइजेशन की हवा से  इस स्टार्टअप  के पंखों को उड़ान मिली और आज shephertz बड़ी बड़ी कंपनियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का काम कर रही है।


shephertz एक ऑनलाइन क्लाउड प्लेटफॉर्म है। ऐप डेवलपर कंपनी के ऐप42 प्लेटफॉर्म  पर मौजूद  बैकेंड सपोर्ट  जैसे प्रोग्राम इंटर्फेस और एनालिटिक्स के इस्तेमाल से ऐप बनाते हैं। इंडिविजुअल डेवलपर के अलावा कंपनी रिटेल, बैंकिंग और मीडिया कंपनियों को  डिजिटल ऑटोमेशन सॉल्यूशन मुहैया कराता है।  ऐप नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया कैंपेन, व्यूअर्स ट्रैकिंग जैसी सुविधाओं के साथ shephertz अपने ग्राहकों को डिजिटल रेस में आगे बढ़ने में मदद करती है।


स्टार्टअप की बढ़ती भीड़ में अपना नाम बनाने के लिए shephertz ने अपने साथ बड़े नाम जोड़ने से शुरुवात की। माइक्रोसॉफ्ट, स्पेंसर, इंडिगो और कोटक जैसे कंपनियों को अपने पार्टनर और ग्राहक के रूप में जोड़कर कंपनी ने खुद को बाकियों से अलग किया। इसका फायदा उन्हें लंबे वक्त में एक मजबूत कस्टमर बेस के रूप में मिला।


shephertz सब्सक्रिप्शन मॉडल पर काम करती है। ऐप डेवलपर्स और कंपनी को दी गई सुविधाओं के बदले उनसे कुछ फीस लेती है और इसी से कंपनी का रेवेन्यू आता है। 20 लाख के निवेश के साथ शुरू हुए इस कारोबार का ज़्यादातर खर्च क्लाउड प्लेटफॉर्म पर ही होता है।  साथ ही एक अच्छी  टीम बनाने और बढ़ाने की लागत भी वक्त  साथ बढ़ती है। लेकिन इन सब के बीच अपने कारोबार को लगातार फैलाना एक बड़ी चुनौती भी है।


कंपनी ने अब तक हर तिमाही लगभग 20 फीसदी की ग्रोथ दर्ज हासिल की है और आने वाले एक साल में 10 गुना ग्रोथ के लक्ष्य को पाने की पूरी उम्मीद रखती है। करीब 150 देशों में 60,000 ऐप डेवलपर को अपने साथ जोड़ने वाला shephertz आने वाले वक्त में लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग कारोबार को भी डिजिटाइज करने का लक्ष्य रखती है।


ऐप डेवलपमेंट के स्पेस में parse, anypresence, built.io कुछ ऐसे नाम है जो shephertz की तरह ही बैंकेंड सर्विस प्रोवाइडर की रेस में शामिल हैं। ग्लोबल इंडस्ट्री एनलिसिस रिपोर्ट के मुताबिक 2020 तक ये इंडस्ट्री 31.6 बिलियन डॉलर का आंकड़ा छुएगी। इस ग्रोथ में यूएस और चीन के साथ भारत भी एक बड़ा हिस्सेदार होगा।  ऐसे स्टार्टअप्स के लिए ये वक्त कारोबार को बढ़ाने का एक अच्छा मौका है, वहीं अंतरराष्ट्रीय प्लेयर्स  का बढ़ता दबाव एक चुनौती भी है।