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टैक्स गुरु: जानें क्रिप्टो करेंसी और टैक्स का रिश्ता

प्रकाशित Sat, 06, 2018 पर 15:56  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली।


सवाल: वित्त वर्ष समाप्त हो गया है और और रिटर्न दाखिल करने में अब कुछ ही समय बचा है ऐसे में आप टैक्स पेयर्स से क्या कहना चाहेंगे?


जवाब: पांच बातें हैं जिन्हें हर करदाता को ध्यान में रखना चाहिए। अगर अभी तक आपने रिटर्न फाइल नहीं की है तो 31 मार्च तक जरूर फाइल कर दें, 31 मार्च तक पिछले दो साल के रिटर्न भरे जा सकते हैं। दूसरा अगर आप 80सी में निवेश करते हैं तो देखें कि आपने 1.5 लाख का अपना कोटा पूरा कर लिया है कि नहीं। अगर ऐसा नहीं तो अपना 1.5 लाख का निवेश पूरा कर लें। सेक्शन 80सी के तहत बीमा, पीपीएफ, ट्यूशन फीस का रीपेमेंट शामिल होता है। तीसरा ये की ऑफिस में घर के किराए की रशीद, कन्वेंस और भत्तों के बिल ऑफि में जमा कराएं। रेंट रशीद देकर मार्च तक बकाया क्रेडिट ले लें। आखिरी ये कि अगर आप 50 हजार से ज्यादा किराया देते हैं तो 5% का टीडीएस काटें।


सवाल: क्रिप्टो करेंसी पर टैक्स के प्रावधान क्या हैं?


जवाब: अब तक की सबसे बड़ी क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन है। बेहद कम समय में इसकी कीमत 25 फीसदी तक बढ़ गई है। जहां तक बिटकॉइन पर टैक्स की बात है तो सेक्शन 2(14) में कैपिटल एसेट की जानकारी है जिसमें कैपिटल गेन के तहत क्रिप्टो करेंसी का जिक्र नहीं है। इसका मतलब ये है कि क्रिप्टो करेंसी की खरीद बिक्री से होने वाली आय बिजनेस से होने वाली आय मानी जाएगी और ट्रेडिंग से होने वाले मुनाफे पर स्लैब रेट के हिसाब से टैक्स लगेगा। उम्मीद का जा रही है कि 2018 में क्रिप्टो करेंसी शायद कैपिटल एसेट में आ जाए और इस पर साफ नियम बनाए जाएं।