शेयर बाजार पर बढ़ सकता है टैक्स का बोझ

प्रकाशित Thu, 11, 2018 पर 08:28  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

देश की इकोनॉमी और रोजगार को रफ्तार देने के लिए पीएम मोदी और वित्त मंत्री कल देश के 40 से ज्यादा सीनियर इकॉनोमिस्ट से मिले। मीटिंग में नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने देश के मौजूदा आर्थिक हालात और नीतिगत सुधारों पर प्रेजेंटेशन दिया। बाजार के लिए सबसे अहम बात ये है कि इसमें शेयर बाजार में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स वापस लाने के सुझाव पर बात हुई।


बजट में शेयर बाजार पर टैक्स का बोझ बढ़ सकता है। दरअसल सरकार को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स वापस लाने पर सुझाव मिले हैं। कल पीएम और वित्त मंत्री 40 से ज्यादा सीनियर इकोनॉमिस्ट से मिले। इस बैठक में शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स की अवधि भी 1 साल से बढ़ाकर 3 साल करने के सुझाव मिले हैं। फिलहाल बाजार पर सिर्फ शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स लगता है और अगर आप कोई शेयर 1 साल तक के लिए रखते हैं तो रिटर्न पर कोई टैक्स नहीं लगता। इसके पहले बेचने पर 15 फीसदी का शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स देना होता है।


बजट से पहले अर्थशास्त्रियों के साथ पीएम की इस बड़ी बैठक में एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य भी शामिल हुए। राजीव कुमार ने पीएम को 6 मुद्दों पर प्रेजेंटेशन दिया। बैठक में जीडीपी बढ़ाने, नए रोजगार पैदा करने पर पीएम का जोर रहा। मैन्युफैक्चरिंग, मेक इन इंडिया, एक्सपोर्ट, बैंक रीकैपिटलाइजेशन, पावर डिस्ट्रिब्यूशन रिफॉर्म पर चर्चा हुई। साथ ही किसानों की आय दोगुनी करने, रोजगार बढ़ाने पर विचार किया गया। बैठक का फोकस टैक्स सुधार, डिजिटल इंडिया, हाउसिंग पर रहा। पीएम की मीटिंग के बाद नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि सरकार बेरोजगारी से निपटने का प्लान तैयार कर चुकी है।