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नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम का खाका तैयार

प्रकाशित Fri, 02, 2018 पर 17:47  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बजट में एलान हुए नेशनल हेल्थ स्कीम का नीति आयोग ने खाका तैयार कर दिया है। इस योजना का नाम आयुष्यमान भारत रखा गया है। इस योजना के तहत 60 प्रतिशत फंड केंद्र सरकार देगी जबकि 40 प्रतिशत राज्य सरकार देगी।


आयुष्मान भारत का 60 फीसदी फंड केंद्र सरकार देगा। योजना का अतिरिक्त 40 फीसदी फंड राज्य देंगे। नई हेल्थ स्कीम पर 5000-6000 करोड़ रुपये का सालाना खर्च होगा। सरकार प्रति परिवार प्रीमियम 1000-1200 रुपये तक होगा। 10 करोड़ परिवारों को सालाना 5 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस किया जायेगा।


सरकार नई हेल्थ स्कीम आयुष्मान भारत के तहत दवाएं और इलाज मुफ्त करेगी। साल 2018-19 के लिए 1,200 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया जायेगा। बता दें कि बजट में सरकार ने 10 करोड़ परिवारों को हेल्थ इंश्योरेंस देने की घोषणा की है। नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के तहत 50 करोड़ लोगों को 5 लाख का मुफ्त बीमा कवर देने का एलान किया है।


सीएनबीसी-टीवी18 और मिंट के खास कार्यक्रम THE VERDICT में नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने नेशनल हेल्थ स्कीम से जुड़े चैंलेंजेस का जिक्र किया। सरकार की प्राथमिकता बताई।


अमिताभ कांत ने आगे बताया कि बजट 2018 देश को बदल देने वाला बजट रहा है क्योंकि शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस किए बिना तरक्की नहीं होगी। हालांकि स्कीम को बेहतर तरीके से लॉन्च करना चुनौती है। सरकार ने नागरिक के स्वास्थय की जिम्मेदारी ली है।


सरकार इस हेल्थ स्कीम को लेकर काफी गंभीर है। बैंकिंग सचिव और विनिवेश सचिव राजीव कुमार का कहना है कि नई हेल्थ स्कीम पर सरकार काफी गंभीर है। पीएमजेजेवा और पीएमएसबीवाय स्कीम सफल रही है। साथ ही इंश्योरेंस कंपनियों का ध्यान रखा गया है। उन्होनें आगे बताया कि जरुरत पड़ी तो नई स्कीम को ज्यादा पैसा दिया जाएगा।


आयुष्मान भारत स्कीम पर बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि ये मोदी सरकार का एतिहासिक फैसला है जो आम आदमी की जिंदगी को बदल देगा। ये स्कीम आम आदमी का जीवन स्तर सुधरेगी। इसके तहत 10 करोड़ से ज्यादा परिवार को सुविधा दी जाएगी।


उन्होंने आगे कहा कि स्कीम का आधार आमदनी नहीं होगी। इसमें सामजिक, जातिगत और आर्थिक स्थिति के अनुसार लाभ मिलेगा। इसमें गरीब और वंचित लोगों को लाभ मिलेगा। गरीब और वंचित लोगों की लिस्ट बनी हुई है, सोशियो इकनॉमिक कॉस्ट सेंसस बना हुआ है। हेल्थ स्कीम के लिए पर्याप्त फंड है। इससे प्रधानमंत्री का सबको मुफ्त दवा देने का सपना पूरा हो रहा है। बजट में भी हेल्थ के लिए फंड बढ़ाया गया है।