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ओवरड्राइव: हर सेगमेंट की बेस्ट ऑटोमैटिक कार

प्रकाशित Sat, 03, 2018 पर 18:39  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

शहरों में लगातर बढ़ रहे ट्रैफिक को देखते हुए ऑटोमैटिक कारों का चलन अब ज्यादा बढ़ रहा है। इसके पिछे वजह है बार-बार क्लच दबाने से छुटकारा और राइड कंफर्ट।  ऐसे में आप ऑटोमैटिक कार खरीदने की सोच रहे हैं तो कौन सी कार आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हैं। क्योंकि हर सेगमेंट में ऑटोमैटिक कारों के कई ढेरो ऑप्शन है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए आपके लिए हम लेकर आए हैं हर सेगमेंट की बेस्ट ऑटोमैटिक कार। कार कंपनियां भी अपने सभी कारों में ऑटोमैटिक वेरिएंट लेकर आने लगे हैं। आज हालात ये हैं कि डटसन रेडी गो जैसी एंट्री लेवल कारों में भी ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन का विकल्प मौजूद है। लेकिन आज हम आपके लिए लेकर आएं हैं हर सेगमेंट की बेस्ट ऑटोमैटिक कार जो लोगों का दिल जीत रही है।


सबसे पहले शुरूआत करते हैं एंट्री सेगमेंट से। इस सेगमेंट में सभी कार कंपनियों ने अपने गाड़ियों के ऑटोमैटिक वेरिएंट उतार चुके हैं। डटसन रेडी गो, रेनो क्विड, मारुति ऑल्टो के10 और टाटा टियागो के भी ऑटोमैटिक वेरिएंट मौजूद हैं। और इन चारों में कम कीमत, ट्रेंडी लुक और स्पेस के लिहाज से डेटसन रेडी गो सबसे बेस्ट ऑप्शन है। और ये कार कुछ दिन पहले ही बाजार में आई थी। रेडी गो में 1 लीटर का इंजन लगा है जो 68 बीएचपी पावर देता है। कंपनी के अनुसार इसकी माइलेज टेस्ट कंडिशन में 22 किलोमीटर है। इसकी खासियत है कि इसमें रश ऑवर मोड भी दिया गया है जो ट्रैफिक में काम की चीज है। कीमत भी ज्यादा नहीं है। इसकी एक्स शोरूम 3 लाख 80 हजार रुपये है।


हैचबैक सेगमेंट जो सबसे ज्यादा पॉपुलर है उसमें भी सभी पॉपुलर गाड़ियों में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का ऑप्शन है। नई मारुति स्विफ्ट जो जल्द लॉन्च होने वाली है उसके पेट्रोल और डीजल में ऑप्श है। इग्निस, ह्युंदई ग्रांड आई 10 और निसान माइक्रा में भी ऑटोमैटिक गियर मिलता है। लेकिन बेस्ट ऑटोमैटिक गियर के लिहाज से निसान माइक्रा बेहतर ऑप्शन है।  क्योंकि इसमें सीवीटी ट्रांसमिशन दिया गया है। निसान माइक्रा में 1.2 लीटर का पेट्रोल इंजन लगा है जो 77 बीएचपी पावर देता है। कंपनी के अनुसार ऑटोमैटिक गियर होने के बावजूद भी ये 19 किलोमीटर की माइलेज देती है। और निसान माइक्रा की कीमत 6 लाख रुपये है।


जिनका बजट 7 से 9 लाख रुपये है और प्रीमियम हैचबैक कार चाहिए तो इस सेगमेंट में भी 4 पॉपुलर गाड़ियां है। मारुति बलेनो, होंडा जैज, ह्युंदई आई 20 और फॉक्सवैगन पोलो जीटीI के ऑप्शन है। लेकिन फीचर्स और परफॉर्मेंस के लिहाज से इन चारों में होंडा जैज सबसे अच्छा विकल्प है। क्योंकि इसमें सीवीटी गियर मिलते हैं। होंडा जैज में 1.2 लीटर का इंजन होने के बावजूद भी 90 बीएचपी पावर मिलता है। साथ ही ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन होने के बावजूद इसकी माइलेज मैन्युअलर गियर से ज्यादा है। सेफ्टी के लिहाज से एयरबैग, एबीएस और ईबीडी फीचर्स मिलते हैं। होंडा जैज ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन की कीमत 7 लाख 80 हजार रुपये है।


कॉम्पैक्ट सेडान सेगमेंट भी देश में हॉट सेगमेंट बना हुआ है। इस सेगमेंट 5 ऑटोमैटिक गाड़ियां सबसे पॉपुलर हैं। इनमें मारुति डिजायर, ह्युंदई एक्सेंट, टाटा जेस्ट, होंडा अमेज, फोक्सवैगन एमियो शामिल है। और इन सभी कारों में मारुति डिजायर सबसे पॉपुलर है। यहां तक की इस कार पर 2 महीने की वेटिंग भी चल रही है। और इसके पेट्रोल इंजन के साथ डीजल वेरिएंट में भी एएमटी गियर का ऑप्शन है। पेट्रोल वेरिएंट में 1.2 लीटर का इंजन है जो 84 बीएचपी पावर देता है। माइलेज 22 किलोमीटर का दावा कर रही है मैन्युअल गियर के साथ। और डिजायर ऑटोमैटिक की कीमत 6 लाख 91 हजार रुपये है।


10 से 14 लाख के बजट में सेडान कारों में तीन कारें सबसे पॉपुलर हैं। इनमें होंडा सिटी, नई ह्युंदई वरना और मारुति सियाज शामिल है। कीमत, परफॉर्मेंस और स्पेस के लिहाज से मारुति सियाज इस सेगमेंट में ऑटोमैटिक कार है। सियाज में 1.4 लीटर का पेट्रोल इंजन लगा है जो 95 बीएचपी पावर देता है।  कंपनी का दावा है कि टेस्ट कंडिशन में सियाज 20 किलोमीटर की माइलेज देती है। बेहतर लेग स्पेस के साथ इसमें 510 लीटर का बूट स्पेस मिलता है। और मारुति सियाज की कीमत 9 लाख 60 हजार रुपये है।


देश में कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट सबसे पॉपुलर है इन दिनों। और इस सेगमेंट में चार गाड़ियां सबसे पॉपुलर है। फोर्ड इकोस्पोर्ट, रेनो डस्टर, निसान टेरानो और ह्युंदई क्रेटा शामिल है। लेकिन इन चारों में सबसे पॉपुवर और वैल्यू फॉर मनी एसयूवी ह्युंदई क्रेटा है। क्रेटा के पेट्रोल वेरिएंट में 1.6 लीटर का इंजन लगा है जो 122 बीएचपी पावर जेनरेट करता है। टेस्ट कंडिशन में इसकी माइलेज 18 किलोमीटर है। दाम भी ज्यादा नहीं 13 लाख रुपये है। तो ये थी हर सेगमेंट की बेस्ट ऑटोटिक कार। आप भी इनमें से कोई खरीदने की सोच रहे हैं तो लेने से पहले एक बार टेस्ट ड्राइव जरूर करलें।