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हेल्थ बीमा के लिए रेगुलेटर, मोदीकेयर से आयुष्मान होगा भारत!

प्रकाशित Mon, 05, 2018 पर 18:37  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

हेल्थ इंश्योरेंस में कवर्ड व्यक्ति की आवश्यक जांच और इलाज कर बीमे की रकम निचोड़ने वाले अस्पतालों के अच्छे दिन जाने वाले हैं। नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के तहत 10 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस देने का एलान करने के बाद सरकार के मन में इसके दुरुपयोग का डर भी सताने लगा है। यही वजह है कि सरकार ने स्वास्थ्य बीमा के लिए रेगुलेटर बनाने पर काम शुरू कर दिया है।


सूत्रों के मुताबिक सरकार मुनाफे के लिए अनावश्यक जांच पर लगाम लगाने की तैयारी में है। इससे अनावश्यक प्रोसीजर और दवा पर रोक लगेगी। अब हीरा यानि हेल्थ इंश्योरेंस रेगुलेटरी अथॉरिटी अस्पतालों और बीमा कंपनियों का इलाज करेगा। सरकार इस रेग्यूलेटर के लिए संसद में कानून ला सकती है। सरकार जांच, दवा, बेड, प्रोसीजर के शुल्क निर्धारित करने की तैयारी में है। इसके साथ इंप्लांट, कंज्यूमेबल्स की गुणवत्ता और कीमत भी निर्धारित होगी और अस्पताल इनके लिए तय कीमत से ज्यादा नहीं वसूल पाएंगे।


सूत्रों के मुताबिक इस पर स्टेकहोल्डर्स से विचार-विमर्श और स्टडी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सामान्य स्वास्थ्य बीमा को भी हेल्थ इंश्योरेंस रेगुलेटरी अथॉरिटी के दायरे में लाया जा सकता है।


बजट में नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम का एलान हुआ था। मोदीकेयर के नाम से मशहूर योजना है।इस योजना का नाम आयुष्यमान भारत रखा गया है। इस योजना के तहत 60 प्रतिशत फंड केंद्र सरकार देगी जबकि 40 प्रतिशत राज्य सरकार देगी।


आयुष्मान भारत का 60 फीसदी फंड केंद्र सरकार देगा। योजना का अतिरिक्त 40 फीसदी फंड राज्य देंगे। नई हेल्थ स्कीम पर 5000-6000 करोड़ रुपये का सालाना खर्च होगा। सरकार प्रति परिवार प्रीमियम 1000-1200 रुपये तक होगा। 10 करोड़ परिवारों को सालाना 5 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस किया जायेगा।


सरकार नई हेल्थ स्कीम आयुष्मान भारत के तहत दवाएं और इलाज मुफ्त करेगी। साल 2018-19 के लिए 1,200 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया जायेगा। बता दें कि बजट में सरकार ने 10 करोड़ परिवारों को हेल्थ इंश्योरेंस देने की घोषणा की है। नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के तहत 50 करोड़ लोगों को 5 लाख का मुफ्त बीमा कवर देने का एलान किया है।