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आवाज़ अड्डाः महंगा क्रूड- बढ़ती महंगाई, बनेंगे सरकार के सबसे बड़े विलन!

प्रकाशित Wed, 07, 2018 पर 20:40  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

रिजर्व बैंक महंगाई को लेकर फिक्रमंद है। क्रेडिट पॉलिसी में ग्रोथ में भी जल्द किसी तेजी की गुंजाइश नहीं है। ऐसे में लगता है कि चुनावी साल में मोदी सरकार पर आर्थिक मोर्चे पर दबाव बढ़ रहा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, कंट्रोल में आ चुकी महंगाई का फिर से सर उठाना, रोजगार जैसे कुछ ऐसे मुद्दे हैं जो चर्चा में हावी हो रहे हैं। ऐसे में लगता है कि सरकार को जो एडवांटेज मिला था वो उसके हाथ से फिसल रहा है। क्या ये 2019 में विपक्ष को मोदी को चैलेंज करने का मौका देगा।


लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने देश विभाजन से लेकर, कश्मीर की समस्या और एनपीए के बोझ तक की जिम्मेदारी कांग्रेस पर डाली और बताया कि उनकी सरकार देश को कांग्रेसी सरकारों के घोले हुए इसी जहर से बचाने में लगी हुई है। लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री असली समस्याओं पर जवाब देने के बजाए राजनीतिक भाषण दे रहे हैं।


साफ है कि कांग्रेस अब भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी मोदी सरकार की घेराबंदी करना चाहती है। जबकि गुजरात चुनाव से समय से नोटबंदी, जीएसटी, बेरोजगारी, ग्रामीण क्षेत्रों में सुस्ती और किसानों की हालत को लेकर विपक्ष के तेवर कड़े होते जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि बजट ने मिडिल क्लास को भी निराश किया है। इधर क्रेडिट पॉलिसी में महंगाई को लेकर चिंता जताई गई है और दरों में फिलहाल कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।


सवाल उठता है कि क्या इकोनॉमी के मोर्चे पर मोदी सरकार को शुरुआती सालों में जो एडवांटेज मिला था वो अब खत्म हो रहा है? ऐसे में महंगाई और बढ़ी तो चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। क्या ये चुनावी साल में विपक्ष को दमदार वापसी का मौका देगा?