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अब रेरा के बाहर निपटेंगे मामले!

प्रकाशित Tue, 13, 2018 पर 16:17  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

महाराष्ट्र में रियल एस्टेट रेगुलेटर ने एक प्रयोग किया है। रेरा ने एक कंसिलएशन फॉरम बनाया है जिसमें रेरा अधिकारियों के साथ बिल्डर और ग्राहक प्रतिनिधि भी शामिल है। मकसद है कोर्ट के बाहर ही कम वक्त में सेटलमेंट।


महारेरा पिछले साल 1 मई से लागू हुआ था और महाराष्ट्र इस अधिनियम को लागू करने वाला पहला राज्य था और अभी तक दर्ज 1,634 मामलों में से 46 फीसदी का निपटान किया गया है। कम से कम 30-40 फीसदी शिकायतों को डेवलपर्स और उपभोक्ताओं के बीच में हल किया जाता है। महारेरा में एक दिन में कम से कम 25 मामलों को हल करने का प्रयास किया जाता है, औसतन निपटान करने का समय एक महीने होता है, हालांकि इस अधिनियम के मामले में 60 दिनों की अनुमति दी जाती है और इसी बोझ को कम करने की कोशिश की जा रही है एक नये कंसिलएशन फॉरम से।


इस कंसिलएशन फॉरम में क्रेडाई, नरेडको, मिची, मुंबई गढ़ पंचायत और महारेरा के अधिकारी भी होगे। 10 कंसिलएशन बेंच एमएमआर क्षेत्र के लिए और पुने के लिए होगा 5 बेंच। डेवलपर्स का मानना है की इस  फॉरम की वजह से न्यायिक प्रक्रिया का समय बचेगा।


अगर आपको महारेरा नही जाना है तो आप इस फॉरम की वेबसाइट पर जा के रजिस्टेशन करा सकते है। कंसिलएशन फॉरम दो पार्टियों को 45 दिन में कोई बिच का रास्ता सुझाते हैं और इसे धर खरीदारो को एक और मोका मिलेगा डेवलपर के साथ सुलह करने का। इस फॉरम की वेबसाइट 1 अप्रैल से चालु हो गई है अब देना ये है की क्या ये फॉरम सबकी मदद कर पाता है या नहीं।