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चुनें निवेश की सही राह ताकि बना रहे रिस्क-रिटर्न का बैलेंस

प्रकाशित Fri, 06, 2018 पर 14:06  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नए वित्त वर्ष की शुरुआत हो गई है और लागू हो गए हैं वो अहम बदलाव जिनका इस साल के बजट में एलान किया गया। यानि एलटीसीजी टैक्स से लेकर डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स के बाद नए सिरे से आर्थिक रणनीति बनाने का मौका है। साथ ही बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर भी कायम है। तो ऐसे में पोर्टफोलियो रिव्यू और रिस्क के हिसाब से बदलाव करने का सही समय है। निवेश के हर पहलू पर तैयारी कराने के लिए हमारे साथ हैं वाइजइन्वेस्ट एडवाइजर्स के सीईओ हेमंत रुस्तगी।


नए वित्त वर्ष के साथ ही हम सलाह तो देते हैं सबसे पहले निवेश शुरू करने की। लेकिन जिन्होंने पहले से निवेश किया है, उनके लिए ये सही समय है पोर्टफोलियो रिव्यू करने का? पोर्टफोलियो रिव्यू पर बात करते हुए हेमंत रुस्तगी का कहना है कि निवेश करने से पहले प्लानिंग जरूरी है। समय-समय पर पोर्टफोलियो की समीक्षा जरूरी   है। पोर्टफोलियो समीक्षा के बाद लक्ष्य के लिए रणनीति तय करें। इक्विटी में निवेशकों को लंबी अवधि में फायदा मिलता है, हालांकि पिछले कुछ महीनों में बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहा और इसका असर फंड्स के रिटर्न पर भी पड़ा है। कुछ डेट निवेश विकल्पों में भी रिटर्न कम हुए है। ऐसे में चाहिए की निवेशक हड़बड़ी में गलत कदम उठाने से बचें ताकि उन्हें फाइनेंशिंयल नुकसान ना हो। एलटीसीजी टैक्स और डीडीटी के चलते रणनीति में बदलाव जरूरी है। पोर्टफोलियो के एसेट एलोकेशन पर ध्यान देना होगा।


उन्होने आगे बताया कि पोर्टफोलियो में रिस्क-रिटर्न का बैलेंस बनाना बेहद जरुरी है। पोर्टफोलियो के एसेट एलोकेशन पर फोकस करें। पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन की जरूरत है। इक्विटी, डेट विकल्प और गोल्ड में निवेश करें। हर एसेट क्लास का प्रदर्शन अलग होता है ऐसे में बाजार की चाल के मुताबिक बदलाव करना जरूरी है। बाजार की तेजी में इक्विटी में निवेश ज्यादा है। रिस्क और अवधि के हिसाब से रीबैलेंस की जरूरत होती है। पोर्टफोलियो में 50-60 फीसदी निवेश लार्जकैप में रखने की सलाह होगी। लक्ष्य तय कर निवेश रणनीति बनाना सही पोर्टफोलियो के लिए बेहतर होता है।


नए वित्त वर्ष के पहले दिन से ही टैक्स प्लानिंग करने की हिदायत दी जाती है। ऐसे में कितना जरूरी है कि निवेशक पीपीएफ और स्मॉल सेविंग्स और फिक्स्ड डिपॉजिट से आगे बढ़ें? टैक्स बचत के लिए ईएलएसएस में निवेश सही है। ईएलएसएस  में अच्छे रिटर्न मिलने की संभावना है। ईएलएसएस में 3 साल का लॉक-इन पीरियड होता है, इक्विटी में निवेश की शुरुआत के लिए ईएलएसएस सही है।