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किसानों पर मेहरबान सरकार, चमकेगी किस्मत!

प्रकाशित Fri, 06, 2018 पर 16:46  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इस साल किसानों पर ऊपरवाला और सरकार दोनों मेहरबान हो सकते है। मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली निजी कंपनी स्काईमेट ने कहा है कि इस साल खूब बदरा बरसेंगे। सूखा पड़ने की कोई भी आशंका नहीं है। स्काईमेट की भविष्यवाणी ने किसानों के चेहरे में मुस्कान ला दी है। इधर सरकार भी किसानों की हालत सुधारने के लिए ऐडी चोटी का जोर लगा रही है। किसानों को डेढ़ गुना एमएसपी का दाम दिलाने के लिए हर फॉर्मूले को खंगाला जा रहा है। तो क्या इस खरीफ सीजन में किसानों की किस्मत चमकने जा रही है? क्या सरकार अपने मिशन में सफल होगी?


किसानों को 50 फीसदी मुनाफा दिलाने के लिए सरकार 50,000 करोड़ रुपये का स्पेशल फंड बनाएगी। सीएनबीसी-आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक निजी कंपनियों को भी इस योजना के तहत अनाज खरीदने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। फसल की ज्यादा कीमत देने के लिए फंड बनेगा और 50,000 करोड़ रुपये का स्पेशल फंड बनाया जाएगा।


दरअसल मोदी सरकार ने किसानों की लागत का डेढ़ गुना दाम दिलाने का वादा किया था। सरकार ने बजट में ज्यादा दाम देने की बात की थी। किसानों के लिए बनाए जाने वाले स्पेशल फंड का अनाज खरीदने और रख-रखाव के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। अनाज खरीदने के लिए राज्यों को समय पर पैसा मिलेगा। अनाज खरीदने में निजी कंपनियां भी शामिल होंगी। निजी कंपनियां सरकार के नाम पर अनाज खरीदेंगी।


वित्त मंत्रालय के साथ स्पेशल फंड बनाने पर चर्चा हो चुकी है और अगले हफ्ते कैबिनेट से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। सरकार की दो अलग-अलग तरीकों से अनाज खरीदने की योजना है। सरकारी एजेंसियां बढ़ी हुई एमएसपी पर अनाज खरीदेंगी। साथ ही मध्य प्रदेश की तर्ज पर भावांतर योजना भी लागू की जाएगी।


एमएसपी के जरिए सरकार फसलों का देशभर में एक न्यूनतम भाव तय करती है। किसानों को फसल की लागत से ज्यादा भाव दिलाना मकसद है। खरीददार नहीं मिलने पर सरकार एमएसपी पर किसानों से फसल खरीदती है।