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क्या फंड स्विच करने पर लगेगा एलटीसीजी टैक्स!

प्रकाशित Sat, 07, 2018 पर 14:36  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इंडिया यानी एएमएफआई की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 20117-2018 में 32 लाख नए निवेशकों ने म्यूचुअल फंड का रास्ता अपनाया है। इसमें से
70 लाख नई एसआईपी शुरू हुई हैं, जिसकी बदौलक कुल एसआईपी का आंकडा 2 करोड के पार जा चुका है। और वो टॉप 5 प्लेयर जिनमें सबसे ज्यादा एसआईपी शुरू हुई हैं, वो है आईसीआईसीआई प्रू, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, रिलायंस म्यूचुअल फंड, और आदित्य बिडला सन लाइफ म्यूचुअल फंड और एसबीआई म्यूचुअल फंड। क्या आपने भी पिछले एक साल में निवेश किया है? क्या आपका निवेश लंबी अवधि का है? क्या लक्ष्य हैं आपके? झटपट अपने पोर्टफोलियो की डिटेल्स हमें फेसबुक के कमेंट बोक्स में डालकर भेजें, हम करेंगें आज आपकी कंपप्लिट फाइनेंशियल प्लनिंग लाइव और इसमें हमारा साछ देने के लिए मौजूद हैं ओय पैसा के उदय धूत।


सवालः एचडीएफसी, आईसीआईसीआई प्रु. बिड़ला सनलाइफ, फ्रैंकलिन एएमसी में निवेश कर रहे है। कौन सी एएमसी की स्कीम में बनें रहें?क्या स्कीम में एकमुश्त पैसा स्विच कर सकते हैं?क्या फंड से पैसे स्विच करते वक्त एलटीसीज टैक्स लगेगा? अगले 10 साल के लिए निवेश रख सकते हैं?


उदय धूतः इक्विटी फंड के रिटर्न पर 10 फीसदी एलटीसीजी टैक्स लगेगा। 1 साल से ज्यादा तक निवेश रखने पर एलटीसीजी टैक्स लगेगा। 1 लाख से ज्यादा मुनाफे पर ही एलटीसीजी टैक्स लगेगा। 31 जनवरी 2018 तक हुए मुनाफे पर टैक्स नहीं है। डेट फंड में 3 साल के बाद ही निवेश लॉन्ग टर्म माना जाता है।


सवालः एसबीआई ब्लूचिप फंड में 2000 रुपये प्रति माह, एचडीएफसी बैलेंस्ड फंड में 2000 रुपये प्रति माह और आदित्य बिड़ला प्योर वैल्यू फंड में 1000 रुपये प्रति माह का निवेश कर रहे है। मल्टीकैप में निवेश करना है क्या मोतीलाल ओसवाल मल्टीकैप 35 फंड चुनना सही? क्या एजेंट से फंड लेने पर पूरा पैसा निवेश होता है या कमीशन कटता है? डायरेक्ट और रेगुलर प्लान में क्या फर्क है?


उदय धूतः मोतीलाल ओसवाल मल्टीकैप 35 फंड में निवेश कर सकते हैं। पोर्टफोलियो में बहुत सारे फंड्स की जरूरत नहीं है। पोर्टफोलियो में सही डायवर्सिफिकेशन जरूरी है। भविष्य में चुने हुए फंड्स में ही निवेश बढ़ाएं। रेगुलर में निवेश प्लान में कुछ हिस्सा कमीशन केतौर पर कटेगा। जब आपके पास निवेश लायक पूंजी हो तो निवेश करें। गिरते बाजार में एसआईपी की रकम बढाएं।