Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

तेल कंपनियों पर सरकार का डंडा, शेयरों में भारी गिरावट

प्रकाशित Wed, 11, 2018 पर 10:20  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

कच्चे तेल में आग लग गई है और ये 3.5 की ऊंचाई पर पहुंच गया है। कच्चे तेल में तेजी का सीधा सा मतलब है पेट्रोल और डीजल का महंगा होना। लेकिन सूत्रों के मुताबिक आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने तेल मार्केटिंग कंपनियों से पेट्रोल-डीजल की कीमतें ना बढ़ाने को कहा है। अब ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को महंगे पेट्रोल और डीजल का बोझ उठाना पड़ सकता है।


सूत्रों के मुताबिक सरकार ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को पेट्रोल और डीजल पर 1 रुपये प्रति लीटर का भार उठाने को कहा है। खबर के बाद आईओसी, बीपीसीएल, एचपीसीएल में जोरदार गिरावट आई है। सरकार के इस फैसले से कंपनियों की मार्जिन पर दबाव आ सकता है।


हालांकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने साफ किया है कि सरकार से इस मसले पर उन्हें कोई निर्देश नहीं मिला है। वहीं इसी बीच ऊंचे क्रूड की मार भी इन शेयरों पर पड़ी। आज एविएशन शेयरों में भी गिरावट का रुझान रहा।


इस पर ऑयल एंड गैस एक्सपर्ट नरेंद्र तनेजा का कहना है कि क्रूड कीमतों को लेकर सरकार की नीति स्पष्ट है। सरकार ने ग्राहकों पर बोझ न डालने को कहा। इस पर सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के बीच बातचीत जारी है। क्रूड में और ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है।


नरेंद्र तनेजा के मुताबिक तेल कंपनियां आसानी से 1 रुपये प्रति लीटर का भार उठा सकती हैं। बस सरकारी तेल कंपनियों को पूरी कुशलता के साथ काम करने की जरूरत है।


वहीं ओएनजीसी के पूर्व चेयरमैन आर एस शर्मा का कहना है कि सरकार  ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को मार्जिन कम करने को कह सकती है। उपभोक्ता को राहत देना सरकार की प्राथमिकता है। क्रूड के दाम बढ़े तो सरकार की ओर से दखल जरूरी है।


एचपीसीएल के मुताबिक सरकार की तरफ से ऐसे किसी निर्देश की जानकारी नहीं है जिसमें 1 रुपये प्रति लीटर तक का घाटा झेलने की बात कही गई हो। सीएनबीसी-आवाज़ से एक्सक्लूसिव बातचीत में कंपनी के सीएमडी, एच पी सुराना ने कहा क्रूड की कीमतों के हिसाब से पेट्रोल, डीजल के दाम तय होते हैं। क्रूड महंगा है इसलिए पेट्रोल, डीजल की कीमतें ज्यादा हैं।


के आर चोकसी सिक्योरिटीज के देवेन चोकसी के मुताबिक सरकार अगर पेट्रोल, डीज़ल के दाम तय करने में दखल देती है तो इसे निगेटिव माना जाएगा। आगे सरकारी तेल कंपनियों के शेयरों में गिरावट मुमकिन है।