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कंज्यूमर अड्डा: ब्याज दरों ने भरा दम, घर खरीदें या रुकें!

प्रकाशित Thu, 12, 2018 पर 06:59  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जिस तरह से एक के बाद एक बैंकों ने होम लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है, इसके बाद अब क्या करना चाहिए? जितने भी लोग अपने घर खरीदने का अब तक इंतजार कर रहे थे उनकी नजर थी घरों की कीमतों पर। लोग इस उम्मीद थे कि रेरा और नोटबंदी के बाद घरों की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि इस बीच होम लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी ने घर खरीदारों को असमंजस में डाल दिया है।


बैंकों ने होम लोन की ब्याज दरों में 0.1-0.2 तक की बढ़ोतरी की है। पिछले दो साल में पहली बार होम लोन की ब्याज दरें बढ़ी हैं। एचडीएफसी ने 5 साल बाद होम लोन महंगा किया है। हालांकि रियल एस्टेट पर नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक बड़े शहरों में अब भी घर खरीदने का मौका है। घरों की कीमत में 7 फीसदी तक गिरावट देखने को मिली है। नए प्रोजेक्ट्स में सस्ते घरों की मांग ज्यादा है। ज्यादातर प्रोजेक्ट 50 लाख रुपये से कम में लॉन्च किए जा रहे हैं।


हम आपको सलाह दे रहे हैं कि घर खरीदने से पहले इन बातों का जरूर ध्यान रखें। कई बैंकों के होम लोन की तुलना करें। बैंक दो रेट पर होम लोन देते हैं, फिक्स्ड और फ्लोटिंग रेट पर होम लोन दिया जाता है। फ्लोटिंग रेट महंगाई से लिंक होता है जबकि फिक्स्ड रेट शुरुआती 3-4 साल फिक्स रहता है। फिक्स्ड रेट पर महंगाई, आरबीआई की दरों का असर नहीं होता और 3-4 साल बाद फ्लोटिंग रेट चार्ज होता है। आरबीआई की ब्याज दरों से रेट घटता-बढ़ता है।