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अमेरिका का सीरिया पर हमला, क्या होगा बाजार पर असर!

प्रकाशित Sat, 14, 2018 पर 13:18  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अमेरिका ने सीरिया पर हवाई हमला किया है। इस अमेरिकी कार्रवाई में फ्रांस और इंग्लैंड भी शामिल हैं। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर ये एयर स्ट्राइक का किया गया है। सीरिया के पूर्वी गोता के डौमा में हाल में सीरिया की ओर से रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर अमेरिका ने पहले ही असद सरकार को चेतावनी दी थी। इस हमले में बच्चों सहित 75 लोग मारे गए थे।


रासायनिक हमले को लेकर गुस्साए ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति असद को जानवर कहकर संबोधित किया था। हालांकि 12 अप्रैल को सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने सीरिया पर हमले को लेकर पश्चिमी देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि डौमा पर संदिग्ध रासायनिक हमले के आरोप गलत और झूठे हैं।


अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने बशर-अल-असद के केमिकल हथियारों पर निशाना करते हुए मिसाइल हमले का आदेश दिया है क्योंकि इस हमले के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।


इस बीच अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के संयुक्त हमले के बाद सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने ट्वीट किया है। उन्होंने कहा है कि अच्छी आत्माओं को दबाया नहीं जा सकता है।


वहीं, रूस ने अमेरिका के खिलाफ सख्त तेवर दिखाए हैं। अमेरिका में रूसी दूतावास ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का अपमान बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीरिया पर हवाई हमले से रूस और अमेरिका समेत पश्चिमी देशों के बीच टकराव होने की आशंका बढ़ गई है।


आपको बता दें कि सीरिया पिछले 7 साल से गृह युद्ध की आग में जल रहा है। सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ शुरू हुई शांतिपूर्ण बगावत ने अब गृह युद्ध का रूप ले लिया है और इसमें अब तक 3 लाख से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। इस गृहयुद्ध में पूरा देश तबाह हो गया है। साथ ही दुनिया के ताकतवर देश भी आपस में उलझ गए हैं।


अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि इस दौरान सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार ने कम से कम 50 बार रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया है। जबकि दुनियाभर में किसी भी युद्ध में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। अमेरिका और उसके सहयोगियों ने इन हमलों का आरोप सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद पर लगाया है।


वहीं सीरियाई सरकार लगातार कथित रासायनिक हमले को नकार रही है, उसका आरोप है कि डूमा शहर पर सरकार के कब्जे को रोकने की नाकाम कोशिश की जा रही है।