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अंबेडकर की 127वीं जयन्ती पर मची सियासी होड़

प्रकाशित Sat, 14, 2018 पर 14:21  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इस बार अंबेडकर जयंती को लेकर सियासत गर्म है। संसदीय चुनाव में अभी करीब साल की देरी है, लेकिन एससी-एसटी एक्ट के मसले पर दलित समाज के आक्रोश ने सभी सियासी दलों के कान खड़े कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश में अंबेडकर की 127वीं जयन्ती के मौके पर बीजेपी जहां हर जिले में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर रही है। वहीं समाजवादी पार्टी भी हर जिले में आयोजन करके बाबा साहब के प्रति अपनी श्रद्धा जताकर बसपा के साथ अपनी दोस्ती की नयी पारी को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।


बीजेपी में तो बकायदा पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की ड्यूटी लगायी गयी है कि वे अपने लिये आबंटित जिले में जाकर अंबेडकर जयन्ती कार्यक्रमों में ना सिर्फ शिरकत करें बल्कि लोगों को यह एहसास भी करायें कि अंबेडकर को वाजिब सम्मान सिर्फ भाजपा ने ही दिलाया है। समाजवादी पार्टी अभी तक अंबेडकर जयन्ती को रस्मी तौर पर मनाती आयी है। सम्भवत: ऐसा पहली बार है जब वह बाबा साहब के जन्मदिन को इतने बड़े पैमाने पर मनाने जा रही है।


लेकिन इन सब के बीच खुद डॉक्टर अंबेडकर सबसे अलग थलग पड़े हुए हैं। अपनी ही जयंती पर उन्हें सुरक्षित रखने के लिए पिंजरे में कैद कर दिया गया है। दरअसल पिछले कुछ दिनों से डॉ. अंबेडकर की मूर्तियां तोड़े जाने की घटनाओं में तेजी आई थी जिसके बाद सरकार ने डॉ. अंबेडकर की मूर्ति को पिंजड़े से ढ़ंकने का आदेश दिया था। हालांकि अब जगहों से इन पिंजड़ों को हटाया भी जाने लगा है।