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टक्कर: भगवा आतंकवाद, हकीकत या फसाना!

प्रकाशित Tue, 17, 2018 पर 08:22  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सीएनबीसी-आवाज़ पर डिबेट शो टक्कर में सोमवार से शुक्रवार रात 09:00 बजे आपसे जुड़े हुए मुद्दे उठाए जाते हैं और सरकार से पूछे जाते हैं तीखे सवाल। टीवी पर बहस तो बहुत होती रहती हैं लेकिन वहां तू-तू, मैं-मैं के बीच आपके मुद्दे दब जाते हैं और आपके हक की आवाज़ गुम हो जाती है। इसलिए टक्कर में उन चेहरों से सीधे सवाल किए जाते हैं जिनकी आपके प्रति सीधी जवाबदेही बनती है। टक्कर महज एक शो नहीं है ये 130 करोड़ भारतीयों की एक बड़ी मुहिम है।


टक्कर में बात हो रही है हैदराबाद की मक्का मस्जिद ब्लास्ट में असीमानंद समेत सभी पांचों आरोपियों के बरी किए जाने की। बता दें कि हैदराबाद की मक्का मस्जिद ब्लास्ट में असीमानंद समेत सभी पांचों आरोपियों को आज एनआईए की विशेष अदालत ने बरी कर दिया है। एनआईएआरोपियों के खिलाफ कोर्ट में सबूत नहीं पेश कर पाई। पहले इस मामले की जांच सीबीआई कर रही थी लेकिन बाद में इसे एनआईए को दे दिया गया था। एनआईए का कहना है कि वो फैसला देखने के बाद इस आगे के एक्शन के बारे में कुछ बताएगी।  18 मई 2007 को हुए इस धमाके में हैदराबाद की मक्का मस्जिद में धमाका हुआ था जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी जबकि 50 से ज़्यादा लोग घायल हो गए थे।


लेकिन कोर्ट से सभी आरोपियों को बरी किए जाने के बाद इस पूरे मामले में राजनीति भी तेज हो गई है। बीजेपी ने हिंदू और भगवा आतंकवाद जैसे शब्दों के इस्तेमाल के लिए कांग्रेस पर करारा वार किया है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी को देश से माफी मांगना चाहिए और जिस भगवा शब्द को उन्होंने बदनाम किया उसका खमियाजा कांग्रेस और राहुल को आने वाले चुनावों में उठाना पड़ेगा।


लेकिन यूपीए सरकार में गृह मंत्री रहे शिवराज पाटिल का कहना है कि इस मामले में ठोस सबूत थे। उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले को देखने के बाद ही वो पुख्ता तौर पर कुछ कह पाएंगे।


वहीं सीपीएम नेता वृंदा करात ने इस पूरे मामले पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को धर्म और राजनीति से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा है कि जिस एनआईए के पास पहले सबूत थे वही एनआईए आज इन सबूतों को क्यों नहीं पेश कर पाई। यहां इसी मुद्दे पर हो रही है जोरदार टक्कर।