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योर मनीः एनपीएस से जुड़ी परेशानियों का समाधान

प्रकाशित Fri, 11, 2018 पर 15:00  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

रिटायरमेंट के लिए सरकार की तरफ से फ्लैगशिप स्कीम एनपीएस में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं, इसे और इंवेस्टर फ्रेंडली बनाने के लिए अब की बार एनपीएस से पैसों की निकासी को लेकर नियमों में बदलाव किए गए हैं। साथ ही प्राइवेट सेक्टर में काम कर रहे कर्मचारी अब एनपीएस द्वारा इक्विटी में ज्यादा निवेश कर पाएंगें। एनपीएस से जुड़ी तमाम उलझनों को दूर करने हमारे साथ हैं मौजूद है रूंगटा सिक्योरिटी के हर्षवर्धन रूंगटा।


पीएफआरडीए बोर्ड ने एनपीएस से पैसे निकालने की नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। अब आप उच्च शिक्षा और कारोबार स्थापित करने के लिए भी एनपीएस से पैसे निकाल सकते हैं। लेकिन इनके अलावा आइए हम आपको एनपीएस से पैसे किन सूरते हाल में आप निकाल सकते हैं।


हर्षवर्धन रूंगटा का कहना है कि पढ़ाई के लिए 25 फीसदी तक रकम की निकासी निकाल सकते है। नए कारोबार के लिए पैसे की निकासी संभव है। इक्विटी में निवेश की सीमा 50 से बढ़कर 75 फीसदी हुई है। 50 साल से कम उम्र के निवेशकों को इजाजत मिली है।


एनपीएस से पैसे निकालने के लिए निवेश के 3 साल बाद पैसे निकालने की इजाजत दी गई है। एनपीएस सब्सक्राइबर का योगदान निकालने की इजाजत है। एनपीएस में 25 फीसदी निवेश निकालने की इजाजत है। टियर 1 खाता से 60 साल के बाद रकम निकासी, टियर 2 खाते का इस्तेमाल बचत खाते की तरह होती है। उच्च शिक्षा, शादी, घर की खरीदारी, कंस्ट्रक्शन के लिए निकासी की सुविधा है। गंभीर बीमारी के इलाज के लिए पैसे की निकासी है। पूरी अवधि में सिर्फ 3 बार पैसे निकासी की इजाजत दी गई है।


हालांकि निकासी के लिए इजाजत की जरुरत है। कुछ बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे निकासी की इजाजत है। शादी या घर खरीदने के लिए पैसे निकाल सकते हैं। कैंसर, किडनी के इलाज के लिए पैसे की निकासी है। ऑर्गेन ट्रांसप्लांट के लिए रकम निकासी की इजाजत है।