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आवाज़ अड्डाः एग्जिट पोल में कांटे की टक्कर, कौन मारेगा बाजी!

प्रकाशित Mon, 14, 2018 पर 20:30  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अब से कुछ घंटों के बाद कर्नाटक की जनता का फैसला सामने आ जाएगा। अब पेंच ये है कि एग्जिट पोल में कुछ भी साफ नहीं हो पा रहा है। 4 सर्वे बीजेपी को आगे दिखा रहे हैं तो 2 कांग्रेस को। स्पष्ट बहुमत की संभावना भी बहुत मजबूत नहीं लगती। ऐसे में जेडीएस की भूमिका मजबूत हो जाएगी। यानि जबतक नतीजे नहीं आते तबतक, तमाम कयासों के लिए दरवाजे खुले हैं। आखिरकार इन्हीं कयासों में से कोई एक सही साबित होगा।


एग्जिट पोल के बाद कर्नाटक पर कयासों का बाजार गर्म है। वोटों की सियासत में अलग अलग जाति वर्गों पर नजर है। लिंगायत, वोकलिंगा, कुरुबा, अन्य पिछड़ी जातियां, दलित और मुसलमानों के वोट परंपरागत व्यवहार दिखाते हैं या फिर कोई नई राह देखते हैं। इसपर नजर होगी। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने इस बार 150 सीटों का लक्ष्य तय किया था। पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री पद के दावेदार बी एस येदियुरप्पा अभी भी 125-30 सीटें जीतने का भरोसा जता रहे हैं।


वहीं कांग्रेस भी 130 सीटों के साथ दोबारा सरकार बनाने का दावा कर रही है। लेकिन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ये कहकर कयासों को हवा दे दी है कि अगर इस बार पार्टी किसी दलित को मुख्यमंत्री  बनाना चाहे तो वो कुर्सी की दावेदारी छोड़ सकते हैं। माना जा रहा है कि असल में सिद्धारमैया सरकार बनाने के लिए जेडीएस का समर्थन हासलि करने का रास्ता साफ कर रहे हैं, क्योंकि जेडीएस सिद्धारमैया को पसंद नहीं करती। अगर कांग्रेस कर्नाटक में वाकई किसी दलित को सीएम बनाना चाहेगी तो सबसे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम आता है।


एग्जिट पोल ने सस्पेंस और बढ़ा दिया है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि देवगौड़ा किसका साथ देंगे। और क्या कर्नाटक के नतीजों में लोकसभा चुनाव का ट्रेलर भी दिखेगा?