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मजेदार तरीके से बचत के रास्ते!

प्रकाशित Sat, 08, 2011 पर 13:27  |  स्रोत : Moneycontrol.com

8 जनवरी 2011


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बैंक बाजारडॉटकॉम


 


मंदी शब्द सुनने में बहुत बुरा लगता है। वैश्वीकरण के दौर में एक देश की खराब अर्थव्यवस्था का असर औरों पर भी पड़ता है क्योंकि सीधे या अप्रत्यक्ष तौर पर सभी एक दूसरे से जुडे हुए हैं। अमेरिका में हो रहे थोड़े से बदलावों का असर काफी दूर तक पहुंच सकता है। तो ऐसे में ये देखना समझदारी होगी कि आपका पैसा कहां खर्च हो रहा है और आपकी मेहनत से कमाई हुई पूंजी का कैसे इस्तेमाल हो रहा है।


 


यहां हम आपको कुछ ऐसे छोटे मगर असरदार सुझाव बताएंगे जो आपको उचित रहन-सहन बनाए रखने में मदद करेंगे। साथ ही इनकी मदद से आप बचत करने के नए तरीकों और आदतों के बारे में भी सीख सकते हैं। 


 


आप अपना पैसा कहां खर्च करते हैं ?


 


अगर आप घर के कमाऊ व्यक्ति हैं तो ये माना जा सकता है कि आपके मुख्य खर्चे घरवालों के भोजन, मनोरजंन और खरीदारी पर होते होंगे।


 


बाहर खाना-पीना


 


बाहर खाना-पीना जरूरत से ज्यादा फैशन बनता जा रहा है। लोगों के बढ़ते आलस, रोमांच या आदत के चलते आज रेस्त्रां इंडस्ट्री काफी तेजी से बढ़ रही है। जब आप बाहर खाते हैं तो आप बेहतर, सर्विस, गुणवत्ता और माहौल की अपेक्षा करते हैं। कठिनाई के समय में भी आप बाहर खाने के मजे कैसे उठा सकते हैं।


 


डिनर की बजाए लंच पर बाहर जाएं- बाहर खाना है तो डिनर की बजाए लंच पर भी अच्छे मेनू और बुफे का लुत्फ उठा सकते हैं।


 


अपने दोस्तों और संबंधियों से पूछें- कि हाल ही में उन्होंने किस बेहतर जगह खाना खाया था। इससे आप सस्ती और बढ़िया जगह ढूंढ सकते हैं।


 


बाहर जाने से पहले घर पर एक ड्रिंक का आनंद लें- अपने खाने का बिल आधा करने का ये एक अच्छा विकल्प है। आजकल कुछ रेस्त्रां भी हैप्पी आवर्स के रूप में ऐसी सुविधा मुहैया कराते हैं।


 


कैश वाउचर का इस्तेमाल करें- लोकल मैगजीन में आपको कुछ वाउचर मिल सकते हैं जिन्हें इस्तेमाल करके आप स्वादिष्ट भोजन का आनंद कम कीमत पर ले सकते हैं।


 


समूह में बाहर खाना खाने जाएं- पहली नजर में ये कुछ अटपटा लग सकता है, लेकिन बाहर खाना खाने में कंपनी भी मिल जाएगी और जब बिल आएगा तो कुछ बचत भी होगी।


 


सप्ताहांत पर बाहर खाने से बचें- ज्यादातर जगहों पर वीकएंड में कवर/एंट्रैंस चार्ज होता है, साथ ही ज्यादा लोगों के चलते सेवाओं में भी कुछ देरी देखने को मिलती है।


 


मार्केटिंग संदेशों को डिलीट ना करें-. कई रेस्त्रां अपने ग्राहकों को डिस्काउंट देते हैं, अगर उनके पास एसएमस हों तो, तो अब से अपने मार्केटिंग संदेशों को डिलीट करने से पहले जांच लें।


 


ध्यान रखें- शुरूआत में एपेटाइजर मंगाएं और मेन कोर्स को दोस्त के साथ शेयर करें, मीठे को छोड़ा भी जा सकता है।


 


फैंसी जगहों का लालच छोड़ें- पास के ढाबे का खाना चखकर देखें-हो सकता है कि ढ़ाबे का खाने का स्वाद आपको हैरान कर दे और पैसे तो बचेंगे ही।


 


अतिरिक्त खाना-बचे हुए खाने को साथ में ले जा सकते हैं, रेस्त्रां का बचा खाना अगले दिन के लिए लंच का काम कर सकता है।


 


 मनोरंजन


 


लोकल अखबार और मैग्जीन देखें और जानें कि शहर में क्या हो रहा है- आप निश्चित तौर पर ये देखकर हैरान हो जाएंगे कि आपके शहर में कितनी सांस्कृतिक, साहित्यिक और आध्यात्मिक हलचल होती रहती हैं, वो भी हर सप्ताह। सबसे बड़ी बात है कि इसमें से कई मुफ्त होती हैं और कुछ की कीमत आपकी फिल्म की टिकट के आधे के बराबर हो सकती है।


 


अपने आप को किसी शौक में डुबोएं- इसके जरिए आप ना केवल नई चीजें सीख पाएंगे, बल्कि क्राफ्ट के अपने पुराने शौक को आजमा पाएंगे और नए लोगों से भी मिल पाएंगे। इसके जरिए आपको एक क्रियात्मक संतुष्टि भी मिलेगी और शायद आप कुछ नए लोगों से भी मिल सकते हैं।


 


अपने शहर को फिर से जानें- चाहें किसी लोकल पार्क में जाएं या किसी ऐतिहासिक जगह या संग्रहालय को देखने जाएं जिसे अब तक आपने जानने की जरूरत नहीं समझी थी।


 


फिल्म देखनी ही है तो हफ्ते के बीच में देखें- आमतौर पर फिल्म की टिकटें हफ्ते के बीच में सस्ती होती हैं, जैसे सोमवार या मंगलवार को।


 


घर पर ही मनोरंजन करें- अपने दोस्तों को घर बुलाएं, संगीत सुनें, खेल खेलते हुए मजेदार शाम का लुत्फ उठाएं।


 


खरीदारी


 


चाहें घर का जरूरी सामान लाना हो या राशन, किराने का सामान, आप बाजार जाने से खुद को रोक नहीं सकते हैं। अगर आप बचत करने की सोच रहे हैं तो फालतू खरीदारी करने से खुद को रोकना ही होगा वर्ना बचत के बाकी सारे उपाय व्यर्थ हो सकते हैं।


 


हमेशा ब्राण्डेड उत्पादों के पीछे ना भागें- चाहें तो कुछ सस्ते उत्पाद भी खरीद सकते हैं जो आपके काम को पूरा कर सकते हैं।


 


इकट्ठा सामान खरीदें- अगर आप समझदारी से खरीदारी करें तो काफी बचत कर सकते हैं। लंबे समय तक चलने वाले उत्पाद जैसे साबुन, शैंपू, क्लीनिंग प्रोडक्ट को इकट्ठा खरीदने से आप एक बार बड़ा खर्च करते हैं, लेकिन लंबे समय तक खर्च से बच जाते हैं। अगर इन्हें किसी के साथ बांटते हैं तब आपकी लागत और भी कम हो सकती है।


 


केवल शौकिया खरीदारी के लिए बाजार ना जाएं-तभी खरीदारी करने की सोचें जब आपको वास्तव में जरूरत हो। सामान की लिस्ट बनाएं और जितना जरूरी हो उतना ही खरीदें।


 


रेडी टू ईट के जाल से बचें- ये ना तो सेहतमंद होते हैं और बजट को तो कई गुना बढ़ाते ही हैं।


 


परिवार के साथ शॉपिंग पर ना जाएं-अगर आपके युवा बच्चे हैं तो आपका बिल बढ़ता जाएगा और आपको पता भी नहीं चलेगा।


 


डिस्काउंट का फायदा उठाएं और फैक्ट्री आउटलेट पर पैसे बचाए-ऐसे स्टोर में कई बार आपको भारी वैराइटी आकर्षक दामों पर मिल सकती है।


 


मिक्स एंड मैच करके कपड़े खरीदें- अलग-अलग कपड़े खरीदना मतलब वॉर्डरोब को अनावश्यक भरना, और ऐसे सूट खरीदना जो काफी महंगे हों। बेहतर होगा कि मिक्स एंड मैच की रणनीति अपनाई जाए।


 


धोकर पहनने लायक कपड़े खरीदें- ड्राइ-क्लीनिंग महंगी भी होती है और पर्यावरण के लिए भी नुकसानदायक होती है क्योंकि इसमें सफाई के लिए पेट्रोलियम का प्रयोग होता है।


 


ऑनलाइन शॉपिंग दिलाए ज्यादा फायदा- इसके जरिए पेट्रोल भी बचता है और आपको सस्ती लागत पर उत्पाद मिल सकते हैं, क्योंकि ज्यादातर ऑनलाइन शॉपिंग पर छूट मिलती है।


 


सिर्फ सेल के लालच में खरीदारी करने ना निकलें- कई सेल में ऐसे उत्पाद बेचे जाते हैं जो घटिया क्वालिटी के होते हैं और आप उन्हें सस्ते नहीं बल्कि महंगे ही ले लेते हैं क्योंकि ये किसी काम के नहीं होते हैं। तो बेहतर होगा कि आप ऐसी लुभावनी सेल से दूर ही रहें।


 


तो कुल मिलाकर हमने यहां कई ऐसे उपाय बताए हैं जिनसे पैसे भी बचेंगे और जीवनशैली भी प्रभावित नहीं होगी। बस आपको थोड़ा सा होमवर्क करने की जरूरत है और कुछ समझदारी अपनाने की जरूरत है।