ईटीएफ में निवेश के लिए टिप्स -
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ईटीएफ में निवेश के लिए टिप्स

प्रकाशित Sat, 08, 2011 पर 13:54  |  स्रोत : Moneycontrol.com

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शेयर बाजारों में सूचीबद्ध इंवेस्टमेंट फंड को एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) कहते हैं। ईटीएफ में शेयरों का समूह होता है, जिसे बाजार में खरीदा और बेचा जाता है। वहीं, म्यूचुअल फंड की ट्रेडिंग नहीं की जाती है।

ईटीएफ की कीमत नेट एसेट वैल्यू (एनएवी) से पता चलती है। ईटीएफ के शेयर या बॉन्ड्स के मार्केट वैल्यू से एनएवी पता की जाती है। इसमें नकदी और अनपेड डिविडेंड भी शामिल किए जाते हैं।


 


लेकिन, आर्बिटरेज और दूसरे वजहों से ईटीएफ की कीमत और एनएवी में फर्क हो सकता है। मांग के मुताबिक ईटीएफ की कीमत कम-ज्यादा होती रहती हैं। इसके अलावा ट्रैकिंग एरर की वजह से एनएवी भी सही नहीं होती है।

ईटीएफ में निवेश के फायदे
- शेयरों की तरह ईटीएफ की खरीद-फरोख्त होने से कीमतों पर नजर रखी जा सकती है
- ईटीएफ हर रोज निवेश की जानकारी देते हैं, जिससे निवेश ज्यादा पारदर्शी होता है
- ईटीएफ को आसानी से बेचा जा सकता है
- ईटीएफ में निवेश करके अलग-अलग सेक्टर में निवेश किया जा सकता है
- ईटीएफ डिविडेंड पर आयकर नहीं लगता है
- हर ईटीएफ के लिए फंड मैनेजर होते हैं, जिससे निवेशक को शेयरों की खरीदारी या बिकवाली नहीं करनी पड़ती है


ईटीएफ की कमियां

- ईटीएफ में सिर्फ 1 ही देश के शेयर होते हैं
- ज्यादा ट्रैकिंग एरर होने से निवेशक के घाटे/मुनाफे पर असर पड़ता है

इस लेख के लेखक केतुल शाह हैं, जो चार्टर्ड अकाउंटेंट और एमबीए हैं। केतुल शाह से www.askketul.com पर संपर्क किया जा सकता है।