टैक्स गुरु से जानें टैक्स बचाने के सुझाव -
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टैक्स गुरु से जानें टैक्स बचाने के सुझाव

प्रकाशित Sat, 08, 2011 पर 14:35  |  स्रोत : Moneycontrol.com

8 जनवरी 2011

सीएनबीसी आवाज़


टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया
का कहना है कि निवेश के लिए ईएलएसएस एक बढ़िया विकल्प है। इसके तहत 80 सी का फायदा उठाते हुए विभिन्न निवेश माध्यमों में निवेश कर सकते हैं। इसके तहत आपको अपनी पसंद के निवेश विकल्प और समयसीमा चुनने की सुविधा मिलती है।


सुभाष लखोटिया का कहना है कि अगर ट्रेडिंग के लिए शेयर बेचे हैं तो इसके लिए आपको आयकर का फॉर्म 4 भरना होगा और अगर निवेश के लिए शेयर बेचे हैं तो इसके लिए फॉर्म 2 भरकर आयकर देना होगा।


एचयूएफ पीपीएफ अकाउंट के लिए नए कानून/डीटीसी में बदलाव

सुभाष लखोटिया ने जानकारी दी कि एचयूएफ के पीपीएफ अकाउंट के लिए नए कानून लागू किए हैं। इसके तहत 31 मार्च 2011 तक 15 साल पूरे कर चुके एचयूएफ के पीपीएफ खाते बंद होंगे। जिनके खातों को 15 साल पूरे हो रहे हों, उन्हें बंद कर देना चाहिए वर्ना इसके बाद ऐसे खातों पर ब्याज मिलना बंद हो जाएगा।


फिलहाल आयकर कानूनों के तहत सम एश्योर्ड के 5 फीसदी ज्यादा प्रीमियम वाली पॉलिसी पर आयकर छूट मिलती है। टैक्स गुरू के मुताबिक डीटीसी के मौजूदा ड्राफ्ट में भी ऐसी पॉलिसी पर टैक्स छूट जारी रहने के संकेत हैं। हालांकि इसकी पुष्टि डीटीसी लागू होने के बाद ही मिल पाएगी।


म्यूचुअल फंड पर टैक्स

सुभाष लखोटिया के मुताबिक इक्विटी म्यूचुअल फंड में पैसे लगाए हैं तो इसपर टैक्स नहीं देना होगा। अगर नॉन इक्विटी म्यूचुअल फंड या डेट म्यूचुअल फंड में निवेश किया है तो कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स का लाभ घटाने के बाद कुल पूंजी पर 20 फीसदी का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होगा।


मुत्यु के क्लेम पर टैक्स नहीं

परिवार में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने के बाद बीमा कंपनियों या अन्य स्त्रोतों से मुआवजा या क्लेम के रूप में कुछ राशि मिलती है तो इस पर टैक्स की देनदारी नहीं बनती है। हां अगर इस राशि को निवेश किया गया हो और इससे आय प्राप्ति हुई हो तो इस पर टैक्स देना होगा।


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