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जानिए टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस की खूबियां

प्रकाशित Sat, 29, 2011 पर 16:02  |  स्रोत : Moneycontrol.com

29 जनवरी 2011

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टॉप अप हेल्थ इंश्योरेंस कैसे काम करता है?

टॉप अप हेल्थ इंश्योरेंस एक तरह से अतिरिक्त सुरक्षा कवर है जो आपके परिवार को अतिरिक्त हेल्थ कवर मुहैया करता है और किसी भी सामान्य बीमा से ज्यादा सुरक्षा प्रदान करता है। टॉप-अप पॉलिसी के लाभ किसी भी अन्य बीमा पॉलिसी जैसे ही होते हैं। अस्पताल के खर्चे, घरेलू खर्चों के अलावा रिइंबर्स्मेंट के साथ अन्य व्यय आदि। हालांकि सामान्य हेल्थ पॉलिसियों में इन सभी की एक निश्चित राशि होती है जिसके तहत ग्राहक पॉलिसी के सम एश्योर्ड के बराबर ही क्लेम कर सकता है।



उदाहरण के लिएः किसी ग्राहक का एम्पलॉयर उसे पॉलिसी के तहत 2 लाख रुपये का कवर दिलाता है। साथ ही उसके पास टॉप-अप के रूप में 5 लाख रुपये का इंश्योरेंस है जिसकी अधितकम सीमा 2 लाख रुपये है। यदि उक्त ग्राहक को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है और 4 लाख रुपये का बिल आता है तो टॉप-अप इंश्योरेंस के रूप में उसे 2 लाख रुपये मिल पाएंगे। इसके बाद अपने एम्पलॉयर प्रोविडेंट फंड इंश्योरेंस में से ग्राहक 2 लाख रुपये के लिए क्लेम कर सकता है। लेकिन अगर किसी कारणवश ग्राहक के अस्पताल का खर्चा 8 लाख रुपये आता है तो उक्त ग्राहक अधिकतम 7 लाख रुपये का ही क्लेम कर सकता है। (एम्पलॉयर प्रोविडेंट फंड इंश्योरेंस में से 2 लाख और टॉप अप इंश्योरेंस से 5 लाख रुपये तक)



लेकिन 2 अलग-अलग पॉलिसी लेने की बजाए अगर एक ही ज्यादा सम एश्योर्ड की पॉलिसी लेना बेहतर नहीं होगा?



ज्यादा सम एश्योर्ड के लिए नई पॉलिसी लेने से अच्छा है कि आप नई टॉप अंप इंश्योरेंस पॉलिसी लें क्योंकि इसका प्रीमियम काफी कम होता है। उदाहरण के लिए अगर आप अपने पिता के लिए 8 लाख रुपये की पॉलिसी लेते हैं तो इसके लिए 25,000-40,000 रुपये के बीच प्रीमियम का भुगतान करना पड़ सकता है लेकिन अगर आप एक 5 लाख रुपये का टॉप-अप इंश्योरेंस प्लान लेते हैं जिसमें 2 लाख रुपये का इंश्योरेंस मिल सकता है तो इसके लिए आपको सिर्फ 4,500 रुपये के करीब का भुगतान करना होगा। 



अगर आप अपनी पुरानी पॉलिसी को नई पॉलिसी से बदलते हैं तो आपको कुछ घाटा हो सकता है। मसलन आपको नए सिरे से मेडिकल टेस्ट कराने होंगे, आप नो क्लेम बोनस से वंचित रह सकते हैं और आपके लिए पहले की बीमारियों का सुरक्षा कवर ( अगर आपकी पॉलिसी 4 साल से पुरानी है तो) भी खत्म हो सकता है।



ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि उन्हें 2 पॉलिसी लेनी चाहिये। एक जिसका सम एश्योर्ड कुछ कम हो और दूसरी जिसमें ऊंचा सम एश्योर्ड मिल सकता है। ये आपको छोटे क्लेम करने में भी काम आएगी और इसके जरिए छोटी-मोटी हेल्थ समस्याओं के लिए आपको लंबी प्रक्रिया नहीं अपनानी होगी। उदाहरण के लिए अगर मोतियाबिंद का ऑपरेशन होना है तो आप अपनी छोटी पॉलिसी के जरिए इसके लिए क्लेम कर सकते हैं। इससे आप ज्यादा सम एश्योर वाली पॉलिसी के एनसीबी (नॉन क्लेम बोनस) को खोने से भी बच सकते हैं।



स्वास्थ्य बीमा के संबंध में एक दिलचस्प तथ्य है कि ज्यादातर क्लेम छोटी-मोटी राशि के लिए ही किए जाते हैं। हेल्थ इंश्योरेंस निम्न प्रभाव और ऊंचे वॉल्यूम वाले इंश्योरेंस के रूप में प्रचलित हैं। लिहाजा बीमा कंपनियों के लिए ज्यादा सम एश्योर से ज्यादा वाले क्लेम आने की संभावना काफी कम रहती है। इस अनुभव को ध्यान में रखते हुए बीमा कंपनियां टॉप अप इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए काफी आकर्षक प्रीमियम की पेशकश करती हैं।



क्या टॉप अप इंश्योरेंस अपने पूरे परिवार के लिए लिया जा सकता है? 


जी हां आप पूरे परिवार के लिए टॉप अप इंश्योरेंस की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।


कंपनियां कौन-से टॉप अप इंश्योरेंस देती हैं?



यहां कंपनियां दो तरह की बीमा पॉलिसी देती हैं। टॉप अप और सुपर टॉप अप। टॉप अप पॉलिसी के तहत किसी एक बीमारी के इलाज के लिए अतिरिक्त खर्चों का रिइंबर्स्मेंट मिल सकता है। वहीं सुपर टॉप अप पॉलिसी एक साल के लिए सभी बीमारियों को कवर करती है। अगर समूचा खर्च अधिकतम क्लेम राशि से ज्यादा होता है तो पॉलिसी के सम एश्योर्ड के मुताबिक इसके रिइंबर्स्मेंट का विकल्प भी होता है।



अतः सुपर टॉप अप पॉलिसी लेना ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि ये एक बीमारी की तुलना में सभी बीमारियों के खर्चों को कवर कर सकती है। फिलहाल बीमा कंपनियों में सिर्फ युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस पॉलिसी ही 60 साल से ज्यादा आयु वालों को टॉप अप इंश्योरेंस देती है।



इसलिए खुद और अपने परिवार को बीमारियों के खर्चों जैसी चिंताओं से बचाने के लिए टॉप अप इंश्योरेंस के विकल्प पर ध्यान जरूर दें।