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हेल्थ इंश्योरेंस पर जानकारों की राय

प्रकाशित Sat, 12, 2011 पर 11:48  |  स्रोत : Moneycontrol.com

12 फरवरी 2011



सीएनबीसी आवाज़


ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के डायरेक्टर पंकज मठपाल का कहना है कि पॉलिसी के बीच में से पैसा निकालना सही नहीं है। जब तक बहुत ज्यादा जरूरी ना हो तब तक बीमा पॉलिसी से निवेश नहीं निकालना चाहिए। ऐसा करने से कवर कम हो जाता है और आप का सुरक्षा घेरा कम हो जाता है।



हेल्थ प्लान पर उपयोगी सलाह



पंकज मठपाल के मुताबिक टाटा एआईजी का इंडीविजुअल एक्सीडेंट एंड सिकनेस प्लान में अस्पताल के खर्चे और बीमारियों के इलाज के लिए रिइंबर्समेंट के जरिए पूंजी मिलती है। इसके अलावा स्टार हेल्थ का ऑप्टिमा प्लान और अपोलो म्यूनिख का हेल्थ प्लान भी स्वास्थ्य बीमा के लिए अच्छे विकल्प हैं।



आई सेव डॉट कॉम के सह संस्थापक अनिल सहगल के मुताबिक हेल्थ प्लान लेने पर महिलाओं को मैटरनिटी कवर मिलता है और इसमें 2-4 साल का वेटिंग पीरियड होता है। मैटरनिटी बेनिफिट के तहत नवजात शिशु के लिए 90 दिन के लिए अपने आप ही कवर मिल जाता है। 90 दिन बीत जाने के बाद बच्चे के लिए अलग प्लान खरीदना होगा।

 
विदेश में रहने वाले नागरिकों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस



अगर भारतीय नागरिक अस्थाई रुप से विदेश में रहता है तो वह भारतीय बीमा कंपनी से हेल्थ पॉलिसी ले सकता हैं बशर्ते उसका मेडिकल चेकअप देश में ही कराया जाए। साथ ही इस तरह के हेल्थ इंश्योरेंस में विदेश में हुए इलाज के खर्चे शामिल नहीं होते हैं। केवल वहीं मेडिकल खर्चे क्लेम किए जा सकते हैं जो इलाज देश के भीतर कराया गया हो।


होमलोन कवर के लिए प्लान



अनिल सहगल के मुताबिक होमलोन के कवर के लिए टर्म प्लान लेना बेहतर रहेगा। इसमें दो विकल्प ले सकते हैं। एक विकल्प के तहत जैसे जैसे होमलोन चुकता होता जाता है टर्म प्लान में सम एश्योर्ड भी घटता जाता है और साथ ही प्रीमियम भी कम होता है। दूसरे विकल्प में आप होमलोन खत्म होने के बाद भी लाइफ कवर जारी रहने की सुविधा ले सकते हैं।


टर्म प्लान पर उपयोगी सलाह



अनिल सहगल का मानना है कि टर्म इंश्योरेंस लेने से पहले अपनी प्राथमिकताएं तय करें। उसके हिसाब से ही टर्म प्लान लें।



अनिल सहगल के मुताबिक बाजार में सबसे सस्ते टर्म प्लान में आईसीआईसीआई आई प्रोटेक्ट, मेटलाइफ मेट प्रोटेक्ट, कोटक प्रेफर्ड प्लान, एगॉन आई टर्म और एसबीआई लाइफ स्मार्ट शील्ड के नाम लिए जा सकते हैं। अगर सस्ते टर्म प्लान लेना है तो ऑनलाइन माध्यम अच्छा विकल्प है। ऑनलाइन माध्यम में ग्राहक को कंपनी से सीधे संपर्क करना होता है इसमें क्लेम की दिक्कत नहीं आएगी।



अगर ग्राहक एक समान कवर के लिए अलग-अलग टर्म प्लान लेते हैं तो एक बात ध्यान रखनी चाहिए कि दो पॉलिसी लेने पर प्रीमियम की रकम बढ़ सकती है। जरूरी नहीं कि 50 लाख रुपये के कवर वाली पॉलिसी का जितना प्रीमियम है वहीं प्रीमियम 25-25 लाख रुपये के कवर की दो पॉलिसी के लिए हो।



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