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निवेश के साथ कैसे बचाएं अपना टैक्स

प्रकाशित Sat, 26, 2011 पर 15:56  |  स्रोत : Moneycontrol.com

26 फरवरी 2011

सीएनबीसी आवाज़



फ्रीडम फाइनेंशियल प्लानर के सीईओ सुमित वैद्य का कहना है कि आमतौर पर लोग सिर्फ टैक्स बचाने के उद्देश्य से निवेश करते हैं जो गलत है। सबसे पहले अपनी जरुरतों के हिसाब से फाइनेंशियल प्लानिंग करनी चाहिए और फिर देखना चाहिए कि इसमें से किन विकल्पों में आप टैक्स भी बचा सकते हैं।


सुमित वैद्य के मुताबिक टैक्स प्लानिंग में सही टाइमिंग होना काफी जरूरी है। साल की शुरुआत से ही टैक्स बचाने के लिए निवेश करना शुरु कर देना चाहिए। ज्यादातर लोग आयकर रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख करीब आने पर आनन-फानन में बीमा और अन्य टैक्स सेविंग योजनाओं में पूंजी लगाते हैं।



टैक्स बचाने के लिए कुछ विकल्प

आयकर की धारा 80 सी के तहत 1 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स में छूट मिलती है। सरकारी योजनाओं में निवेश कर टैक्स छूट का फायदा उठाएं और जीवन बीमा के लिए टर्म प्लान जरुर लें। टर्म प्लान पर भी आयकर की धारा 80 सी के तहत टैक्स छूट मिलती है।

यूलिपः

सुमित वैद्य के मुताबिक यूलिप में निवेश पर भी टैक्स बचा सकते हैं। हालांकि यूलिप के जरिए इक्विटी में निवेश किया जाएगा इसलिए निश्चित रिटर्न की गारंटी नहीं होती।



पीपीएफः

सुमित वैद्य का मानना है कि पीपीएफ बहुत अच्छा उपकरण है। पीपीएफ में 500 रुपये से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं और अधिकतम 70,000 रुपये तक के निवेश पर टैक्स छूट मिलती है। सरकारी योजना होने के चलते पीपीएफ में जमा पूंजी पर 8 फीसदी का निश्चित रिटर्न मिलता है।



पीपीएफ में 15 साल का लॉक-इन पीरियड होता है। 4 साल के बाद इस खाते में जमा 50 फीसदी राशि निकाल सकते हैं। मैच्योरिटी के बाद मिलने वाली राशि पर ईईई के तहत टैक्स छूट मिलती है।



ईएलएसएसः

म्यूचुअल फंड की एक स्कीम है जिसमें 1 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स छूट मिल सकती है। इसमें 3 साल का लॉक-इन पीरियड होता है।



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