न्यू पेंशन स्कीम अब और फायदेमंद
19 मार्च 2011
सीएनबीसी आवाज़
आम बजट 2011-12 में वित्तमंत्री ने रिटायरमेंट के लिए निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से न्यू पेंशन स्कीम में निम्न फीचर जोड़े हैं :
* स्वावलंबन स्कीम :
1. निकासी की उम्र सीमा घटाई : स्वावलंबन स्कीम के तहत अब निकासी 50 वर्ष की उम्र या 20 वर्ष की न्यूनतम अवधि, जो भी अधिक हो, में की जा सकेगी। पूर्व में निकासी 60 वर्ष की उम्र के पश्चात ही की जा सकती थी।
2. 2011-12 में खोले जाने वाले खातों में भी मिल सकेगा स्कीम का लाभ :अब वर्ष 2011-12 में खोले जाने वाले न्यू पेंशन स्कीम खातों पर भी स्वावलंबन स्कीम का लाभ मिल सकेगा। पूर्व में स्वावलंबन स्कीम का लाभ वर्ष 2010-11 में खोले जाने वाले खातों पर ही प्रस्तावित था।
3. सरकार ने अंशदान की अवधि बढ़ाई : न्यू पेंशन स्कीम खातों में सरकार ने अपना अंशदान अब 3 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष करने का ऐलान कर दिया है।
* नियोक्ता को मिलेगी न्यू पेंशन स्कीम में अंशदान पर टैक्स छूट :
आम बजट 2011-12 में वित्त मंत्री ने आयकर अधिनियम की धारा 36 में संशोधन प्रस्तावित किया है, जिसके तहत नियोक्ता द्वारा न्यू पेंशन स्कीम में कर्मचारियों के वेतन का 10% तक के अंशदान को व्यवसाय के खर्च के रूप में शामिल किया है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में नियोक्ता द्वारा न्यू पेंशन स्कीम में किए जा रहे अंशदान को व्यवसाय के खर्च के रूप में शामिल करने की पात्रता नहीं है।
उल्लेखनीय है कि न्यू पेंशन स्कीम की शुरुआत 1 मई 2009 को हुई थी। इस स्कीम को और आकर्षक बनाने के लिए बजट 2010-11 में वित्त मंत्री ने "स्वावलंबन स्कीम" की शुरुआत भी की है। इस स्कीम के तहत वित्तीय वर्ष 2010-11 में खोले जाने वाले असंगठित क्षेत्र की श्रेणी में आने वाले न्यू पेंशन स्कीम खातों में सरकार की तरफ से 3 वर्षों तक रुपए 1000 प्रतिवर्ष अंशदान करने का ऐलान किया था। स्वावलंबन स्कीम का लाभ लेने के लिए यह आवश्यक है कि खाता न्यूनतम रुपए 1000 से खोला जाए एवं प्रतिवर्ष अधिकतम निवेश रुपए 12000 का किया जाए। असंगठित क्षेत्र की श्रेणी में निम्न व्यक्तियों को शामिल किया गया है।
1. वह व्यक्ति, जिसे सेंट्रल गवर्नमेंट, स्टेट गवर्नमेंट, पब्लिक सेक्टर, कंपनी आदि के तहत रिटायरमेंट बेनिफीट नहीं मिल रहा है।
2. वह व्यक्ति, जिसे निम्न स्कीमों के तहत सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध नहीं है :
(अ) एम्प्लाइज प्रॉविडेंट फंड मिसलिनियस प्रोविजन एक्ट 1952।
(ब) दी कोल माइन्स प्रॉविडेंट फंड एंड मिसलिनियस प्रोविजन एक्ट 1948।
(स) दी सीमेंस प्रॉविडेंट फंड एक्ट 1966।
(द) दी असम टी प्लान्टेंशन प्रॉविडेंट फंड एंड पेंशन फंड स्कीम एक्ट 1955।
(य) दी जम्मू एंड कश्मीर एम्प्लाइज प्रॉविडेंट फंड
यह लेख अरिहंत कैपिटल मार्केट के चीफ फाइनेंशियल प्लानर उमेश राठी ने लिखा है। umesh.rathi@arihantcapital.com पर उमेश राठी से संपर्क किया जा सकता है।
yogesh_99
पर: 09:18, अप्रैल 25, 2013Retirement
During my retirment I was to get revised wage board Salary which was to be applied 7-8 monoths previous to my retir...
Guest
पर: 09:17, अप्रैल 25, 2013Retirement
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