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आयकर: 31 मार्च के पूर्व ध्यान देने योग्य बातें

प्रकाशित Mon, 28, 2011 पर 14:52  |  स्रोत : Moneycontrol.com

28 मार्च 2011

सीएनबीसी आवाज़



वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं, अभी भी हमारे पास मौका है कि हम निम्न बातों का ध्यान रखकर वर्तमान वर्ष में टैक्स बचत कर सकते हैं/दंड से बच सकते हैं।



धारा 80 सी के तहत निवेश :


यदि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2010-11 में आपको टैक्स अदा करने का दायित्व है एवं धारा 80 सी, सीसीसी एवं सीसीडी के तहत आपका कुल निवेश/अंशदान/खर्च रुपए 1 लाख से कम है तो शेष राशि का निवेश आप धारा 80 सी के तहत पीपीएफ, एनएससी, टैक्स सेविंग एफडी, ‍सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम, इंश्योरेंस प्रीमियम, ईएलएसएस आदि में 31 मार्च 2011 तक करके टैक्स बचत कर सकते हैं।



धारा 80 सीसीएफ के तहत निवेश :


वित्तीय वर्ष 2010-11 में व्यक्तिगत एवं एचयूएफ करदाता आयकर अधिनियम की धारा 80 सीसीएफ के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर बॉण्ड में निवेश कर रुपए 20 हजार तक की छूट प्राप्त कर सकते हैं। यह छूट आयकर अधिनियम की धारा 80 सी, सीसीसी एवं सीसीडी के तहत प्राप्त हो रही रुपए 1 लाख की छूट के अतिरिक्त है। यदि आपने अभी तक इंफ्रास्ट्रक्चर बॉण्ड में निवेश नहीं किया है तो तुरंत कर लेना चाहिए।



एडवांस टैक्स :


किस दशा में अदा करना होगा - यदि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2010-11 में आपकी टैक्स देयता रुपए 10000 या ‍अधिक है तो आयकर अधिनियम की धारा 208 के तहत एडवांस टैक्स अदा करने का दायित्व बनता है। यदि आपने नियमानुसार समय-समय पर एडवांस टैक्स अदा नहीं किया है तो आप 31 मार्च 2011 तक अपना टैक्स अदा कर आयकर अधिनियम की धारा 234 बी (1) के तहत दंडित ब्याज से बच सकते हैं।



एडवांस टैक्स अदा न करने पर क्या हैं प्रावधान - यदि आप पर आयकर अधिनियम की धारा 208 के तहत एडवांस टैक्स अदा करने का दायित्व है एवं आप 31 मार्च 2011 के पूर्व टैक्स अदा नहीं करते हैं तो आपको आयकर अधिनियम की धारा 234 बी (1) के तहत 1 अप्रैल 2011 से असेसमेंट की दिनांक तक 1 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से टैक्स की राशि पर ब्याज अदा करना होगा।



आयकर रिटर्न : वित्तीय वर्ष 2009-2010


व्यक्तिगत एवं एचयूएफ करदाता, जो ऑडिट के दायरे में नहीं आते हैं, के लिए वित्तीय वर्ष 2009-10 का आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 10 थी एवं जो ऑडिट के दायरे में आते हैं, के लिए अंतिम तिथि 30 सितंबर 10 थी। यदि आप अभी तक वर्ष 2009-10 का आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए हैं तो आपके पास अभी भी मौका है एवं आप 31 मार्च 2011 तक आयकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।



नहीं दाखिल करने पर क्या हैं प्रावधान : यदि आप वर्ष 2009-10 आयकर रिटर्न 31 मार्च 11 तक दाखिल नहीं करते हैं तो आयकर अधिनियम की धारा 271 एफ के तहत कर निर्धारण अधिकारी रुपए 5000 तक का जुर्माना लगा सकता है।


 


यह लेख अरिहंत कैपिटल मार्केट के चीफ फाइनेंशियल प्लानर उमेश राठी ने लिखा है। उमेश राठी से umesh.rathi@arihantcapital.com पर संपर्क किया जा सकता है।