कैसे बनाएं क्रेडिट रिपोर्ट को बेहतर -
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कैसे बनाएं क्रेडिट रिपोर्ट को बेहतर

प्रकाशित Tue, 12, 2011 पर 16:02  |  स्रोत : Moneycontrol.com

12 अप्रैल 2011



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मेरा दोस्त अरुण जो एक बड़ी ब्रोकरेज फर्म में उच्च पद पर है, होम लोन के लिए आवेदन करने पर उसे लोन मिलने का प्रस्ताव तो हुआ लेकिन अपने दोस्त की तुलना में ऊंची ब्याज दर पर। हालांकि जिस दोस्त के कहने पर अरुण ने देनदार से बात की थी उस दोस्त को वही होम लोन सस्ती ब्याज दरों पर मिला था। इस अंतर के बारे में पूछताछ करने पर पता चला कि अपने दोस्त की तुलना में अरुण का क्रेडिट स्कोर कम था और इसी वजह से होम लोन पर अरुण को ऊंचा ब्याज देना पडे़गा।



क्रेडिट स्कोर क्या होता है?



क्रेडिट स्कोर 300-900 अंकों के बीच प्रदान की गई वो संख्या है जो क्रेडिट ब्यूरो प्रदान करता है। क्रेडिट स्कोर के आधार पर अगले 12 महीने तक लोन चुकाने की संभावनाओं का आकलन किया जाता है। जितना ज्यादा क्रेडिट स्कोर होगा लोनधारक के डिफॉल्टर बनने की संभावना उतनी ही कम होगी। क्रेडिट स्कोर में 700 की संख्या अच्छी और 750 का स्कोर शानदार कहलाता है।



अगर 600 का स्कोर होता है तो इस बात की काफी आशंका है कि लोन को स्वीकृति देने में देनदार काफी ज्यादा समय लगाएंगे। अच्छा क्रेडिट स्कोर बरकरार रखने का एक तरीका है कि आप समय पर अपने सभी कर्जों को चुकता करें और समय पर क्रेडिट चुकाएं।



अरुण और उसके दोस्त के क्रेडिट स्कोर की तुलना करने पर देखा गया कि दोनों ने ही अपने सभी क्रेडिट के भुगतान समय पर किए थे। हालांकि दोनों के क्रेडिट स्कोर में एक ही अंतर था और वो ये कि अरुण के पास 4 क्रेडिट कार्ड थे जबकि उसके दोस्त के पास सिर्फ 2 क्रेडिट कार्ड थे। इसके अलावा अरुण के क्रेडिट स्कोर पर एक और बात का नकारात्मक असर देखा गया था। विदेश यात्रा के लिए पर्सनल लोन का आवेदन करने के बाद लोन सेंक्शन भी हो गया लेकिन किसी कारणवश अरुण ने यात्रा का कार्यक्रम रद्द कर दिया। हालांकि लोन लिया नहीं गया लेकिन बार-बार लोन के लिए आवेदन करना भी सिबिल में क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर डालता है।



इन सब बातों के आधार पर कहा जा सकता है कि क्रेडिट स्कोर को ऊंचा रखने के लिए आपको बिना जरुरत के क्रेडिट कार्ड लेने से बचना चाहिए। क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने से पहले देखें कि आपको वाकई इसकी जरुरत है या नहीं। आपको सलाह दी जाती है कि आप क्रेडिट कार्ड से ज्यादातर शॉपिंग करने की बजाए ऑनलाइन शॉपिंग का रास्ता अपनाएं।



अपने क्रेडिट स्कोर को जानने के लिए सिबिल को लिख सकते हैं। इसके लिए सिबिल की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग-इन करें और ऑनलाइन फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। इस फॉर्म के साथ अपने पैन कार्ड की कॉपी और घर के पते के प्रूफ की कॉपी साथ में लगाएं। इन सभी दस्तावेजों के साथ 142 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट लगाएं या ऑनलाइन पेमेंट के जरिए सिबिल में भुगतान करें। ये सब प्राप्त होने के बाद सिबिल आपकी क्रेडिट रिपोर्ट भेज देगी।



सिबिल क्रेडिट रिपोर्ट मिलने के बाद आप इसकी जांच करें कि कोई ऐसे लोन या क्रेडिट भुगतान तो आपके नाम पर नहीं है जो आपने कभी लिए ही ना हों। अगर ऐसी कोई गलती मिलती है तो फौरन सिबिल में या संबंधित बैंक में इसकी शिकायत दर्ज करें। अगर बैंक आपकी शिकायत के एक महीने के भीतर इसका निपटारा नहीं करता है तो बैंकिंग एम्बुडस्मैन में इसकी शिकायत की जा सकती है। आपके क्रेडिट रिकॉर्ड में गलती आपको काफी भारी पड़ सकती है इसलिए फौरन इसका निपटारा करना काफी जरूरी है।



आपको लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए उसी सूरत में आवेदन करना चाहिए अगर सिबिल द्वारा मुहैया कराई गई आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में सब ठीकठाक निकलता है। अगर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पूरी तरह सही है तो आप क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग और लोन उत्पादों के लिए आवेदन करें। हालांकि इनके लिए आवेदन करने से पहले आपको इंटरनेट से हमेशा कुछ स्मार्ट शॉपिंग करनी चाहिए।



इंटरनेट पर बहुत सी ऐसी वेबसाइट हैं जो कीमतों की तुलना करने में मदद करती हैं। जैसे अपनापैसाडॉटकॉम पर आप अलग-अलग उत्पादों को विभिन्न पैमानों पर जांच सकते हैं। अपनी जरुरतों के हिसाब से ऑनलाइन शॉपिंग का मजा उठाएं। इससे सिर्फ एक ही बैंक आपके क्रेडिट का हिसाब किताब रखेगा और आपके क्रेडिट रिकॉर्ड और क्रेडिट स्कोर पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।



ये लेख अपनापैसाडॉटकॉम के सीईओ हर्ष रुंगटा द्वारा लिखा गया है। अपनापैसाडॉटकॉम के जरिए लोन, इंश्योरेंस और इंवेस्टमेंट के विभिन्न उत्पादों की कीमत की तुलना की जा सकती है। हर्ष रूंगटा से hrdna@apnapaisa.com पर संपर्क किया जा सकता है।