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कैसे सुलझाएं क्रेडिट कार्ड, लोन की समस्या

प्रकाशित Fri, 15, 2011 पर 16:14  |  स्रोत : Moneycontrol.com

15 अप्रैल 2011

सीएनबीसी आवाज़



अपना पैसा डॉटकॉम के सीईओ हर्ष रूंगटा का कहना है कि लोन और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी समस्याओं को लिखित में सुलझाना ज्यादा बेहतर विकल्प होता है। बदलते समय में अक्सर ग्राहक इन समस्याओं को फोन पर सुलझाने की कोशिश करते हैं। शिकायतों की लिखित शिकायत के जरिए पक्की लिखा-पढ़त करें और एक्नॉलिजमेंट जरुर लें। इन सब बातों में कुछ ज्यादा समय अवश्य लगता है लेकिन आप भविष्य में भारी परेशानी से बच सकते हैं।



अगर बैंक से लोन लिया है और दो ईएमआई के बीच अगर किस्त के भुगतान में कुछ देरी होती है तो इसे ब्रोकन पीरियड कहा जाता है। ब्रोकन पीरियड के दौरान बैंक कुछ पेनेल्टी लगाते हैं। इस रकम का भुगतान करना जरुरी होता है लेकिन ग्राहक इस चार्ज की पूरी जानकारी ले सकता है। अगर बैंक ये जानकारी देने से मना करता है तो इसके खिलाफ बैंकिंग एम्बुड्समैन में शिकायत की जा सकती है।



इसके अलावा अगर बैंक से लोन को समय से पहले बंद करते हैं तो बैंक कुछ अतिरिक्त शुल्क भी वसूलते हैं। इस रकम के बारे में भी सारी जानकारी देना जरूरी होता है। बैंक आपसे अनावश्यक चार्ज नहीं वसूल सकते हैं।



अक्सर कई ग्राहकों को बीमा पॉलिसी लेने और वापस करने के दौरान समस्या से जूझना पड़ता है अगर प्रीमियम का भुगतान क्रेडिट कार्ड के जरिए किया जा रहा है। हर्ष रूंगटा के मुताबिक अगर पॉलिसी बंद कराने या वापस करने के बाद भी क्रेडिट कार्ड कंपनी चार्ज वसूल रही हैं तो इसके खिलाफ लिखित में शिकायत दर्ज करें। जिस बैंक का क्रेडिट कार्ड है उसे दो हफ्ते के भीतर इस मामले की सारी जानकारी ग्राहकों को मुहैया कराना जरुरी है।



हर्ष रूंगटा के मुताबिक एक ही नाम पर एक बैंक से एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड इश्यू हो सकते है। अगर अनसिक्योर्ड कार्ड चाहते हैं तो आपके पहले के सभी भुगतान पूरे होने चाहिए। आपका क्रेडिट रिकॉर्ड अच्छा होना चाहिए। बैंक के ऊपर क्रेडिट कार्ड इश्यू से संबंधित कोई सीमा नहीं है। हालांकि ग्राहक को उसी सूरत में क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़ानी चाहिए अगर वाकई जरुरत हो।



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