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नए आयकर फॉर्म के बारे में जानें

प्रकाशित Sat, 23, 2011 पर 14:16  |  स्रोत : Moneycontrol.com

23 अप्रैल 2011

सीएनबीसी आवाज़


आयकर विभाग ने आयकर रिटर्न भरने के लिए नए फॉर्म जारी कर दिए हैं। पहले के सरल फॉर्म के बदले में सहज और सुगम फॉर्म आ गए हैं। टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया ने टैक्सदाताओं को नए फॉर्म के बारे में जानकरी दी है जो आपके भी काफी काम आ सकती है।



आईटीआर-1 सहज
इंडिविजुअल करदाताओं को ये फॉर्म भरकर आयकर देना होगा।



आईटीआर-2
इंडिविजुअल या एचयूएफ (हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली) के वो करदाता जिनकी बिजनेस से कोई आय ना हो।



आईटीआर-3
उन इंडीविजु्अल या एचयूएफ के लिए जो बिजनेस पार्टनर हों लेकिन प्रोपाइटरशिप या प्रोफेशन से किसी तरह की आय ना आती हो।



आईटीआर-4 सुगम

टैक्स गुरु के मुताबिक भारतीय आयकर कानून में पहली बार इस तरह के फॉर्म को लाया गया है। जिन इंडीविडुअल या एचयूएफ कारोबारियों की आय 60 लाख रुपये से कम हो और जो बही-खाते ना रखते हों उनके लिए इस फॉर्म को भरना जरूरी है।



नॉन इंडीविजुअल के लिए फॉर्म बदले नहीं गए हैं और उनके आयकर रिटर्न के लिए पुराने फॉर्म ही भरे जाएंगे।

आईटीआर-5
फर्म या एओपी के लिए पहले की तरह आईटीआर-5 भरना होगा।



आईटीआर-6
कॉर्पोरेट सेक्टर या कंपनियों के लिए इस फॉर्म को भरना होगा।



आईटीआर-7
चैरिटेबल ट्रस्ट या संस्थाओं को इस फॉर्म के जरिए आयकर रिटर्न भरना होगा।



टैक्स गुरु के मुताबिक आईटीआर-8 फॉर्म को खत्म कर दिया गया है। इस फॉर्म का उपयोग फ्रिंज बेनेफिट टैक्स के लिए किया जाता था जिसे समाप्त कर दिया गया है।



पेंशन और कंसलटेंसी से मिली आय के लिए आईटीआर-4 फॉर्म भरकर रिटर्न देना होगा। इसके अलावा एंडीविजुअल या एचयूएफ को आयकर रिटर्न के साथ किसी तरह के दस्तावेज नहीं लगाने होंगे। केवल आईटीआर-7 भरने वाले टैक्सदाताओं को फॉर्म के साथ जरूरी कागजात लगाने होते हैं।



उपहार मे मिली रकम पर कैसे बचाएं टैक्स



टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति के नाबालिग बच्चों को 1 साल में उपहार के रूप में 50,000 रुपये से ज्यादा नगदी मिलती है तो इसे पिता की आय में जोड़ा जाएगा और इस पर टैक्स लगेगा। अगर उपहार में मिली पूंजी को एफडी में जमा कराते हैं तो साल भर केवल 1500 रुपये तक की ब्याज आय ही टैक्स मुक्त होगी।



सुभाष लखोटिया के मुताबिक उपहार में मिली रकम पर टैक्स बचाने का सबसे अच्छा उपाय है कि इसे जीरो कूपन बॉन्ड, म्यूचुअल फंड या पीपीएफ अकाउंट में जमा करें।



एजूकेशन लोन पर टैक्स छूट



जिस छात्र के लिए एजूकेशन लोन लिया है अगर वह विदेश में पढ़ता है तो उसकी ट्यूशन फीस पर कोई ब्याज छूट नही मिलेगी। केवल पढ़ाई की फीस के लोन के ब्याज पर ही टैक्स में छूट मिल सकेगी।



टैक्स गुरु के मुताबिक शेयर ट्रेडिंग में हुए नुक्सान को स्पेकुलेशन लॉस में गिना जाएगा और इसको अन्य आय के साथ एडजस्ट नहीं किया जा सकता है। इंट्राडे ट्रेडिंग में हुए घाटे पर ट्रेडर को किसी तरह की टैक्स छूट नहीं मिल सकती है।



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