Moneycontrol » समाचार » फाइनेंशियल प्लानिंग

नॉमिनेशन करने में चूक ना करें

प्रकाशित Sat, 07, 2011 पर 11:27  |  स्रोत : Moneycontrol.com

7 मई 2011

सीएनबीसी आवाज़



वैसे तो हम सभी नॉमिनेशन करने का महत्व भलीभाँति समझते हैं, परंतु कई बार लापरवाही के कारण हम नॉमिनेशन करने से चूक जाते हैं या परिस्थितियों में बदलाव होने पर नॉमिनी के नाम में परिवर्तन नहीं कर पाते हैं। नॉमिनेशन नहीं होने की दशा में व्यक्ति की मृत्यु के उपरांत उत्तराधिकारियों को संपत्ति प्राप्त करने के लिए पंजीकृत वसीयत या उत्तराधिकारी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होता है। उत्तराधिकारी प्रमाण-पत्र कोर्ट से प्राप्त किया जाता है, जिसमें 6 माह से 12 माह तक का समय एवं लगभग 8 से 10 प्रतिशत कोर्ट फीस भी अदा करना होती है।



नॉमिनेशन करने की प्रक्रिया बहुत ही आसान है। नॉमिनेशन कर दिए जाने से व्यक्ति की मृत्यु उपरांत नॉमिनी सामान्य प्रक्रिया एवं बिना किसी अतिरिक्त खर्च के संपत्ति प्राप्त कर सकता है। नॉमिनेशन सुविधा से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य निम्न प्रकार हैं –



*कोई भी व्यक्ति अपनी संपत्ति में नॉमिनी नियुक्त कर सकता है - ऐसे व्यक्ति, जिनके नाम पर संपत्ति/जीवन बीमा पॉलिसी आदि है, वे नॉमिनी नियुक्त कर सकते हैं, लेकिन कोई भी कंपनी, पार्टनरशिप फर्म, ट्रस्ट, सोसाइटी, एसोसिएशन, एचयूएफ अपनी संपत्ति में नॉमिनी नियुक्त नहीं कर सकते हैं।



*संपत्तियाँ जिनमें नॉमिनेशन किया जा सकता है - सामान्यत: चल संपत्तियाँ, जिसमें बैंक अकाउंट, फिक्स डिपॉजिट, डीमैट अकाउंट, म्युचुअल फंड, डिबेंचर्स, बॉण्ड, पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट, एनएसी, केवीपी, पीपीए, ईपीएफ, एनपीएस अकाउंट, सीनियर सिटीजन सेविंग अकाउंट, जीवन बीमा पॉलिसी, पेंशन प्लान, लॉकर्स आदि में नॉमिनेशन किया जा सकता है। अचल संपत्ति की दशा में यदि प्रॉपर्टी किसी को-ऑपरेटिव सोसाइटी में है तो ही नॉमिनेशन किया जा सकता है।



* किसी भी व्यक्ति को नॉमिनी नियुक्त किया जा सकता है -
भले ही वह व्यक्ति नाबालिग क्यों न हो, उसे भी नॉमिनी नियुक्त किया जा सकता है, लेकिन किसी भी कंपनी, पार्टनरशिप फर्म, ट्रस्ट, सोसाइटी, एसोसिएशन, एचयूएफ आदि को नॉमिनी नियुक्त नहीं किया जा सकता है।



*नॉमिनेशन कितनी भी बार बदला या निरस्त किया जा सकता है।



*जिस संपत्ति में नॉमिनेशन किया जाना है, उससे संबंधित संस्थान नॉमिनेशन फार्म प्राप्त करके नॉमिनेशन किया जा सकता है।



*नॉमिनेशन कराने का कोई शुल्क अदा नहीं करना होता है।



*नॉमिनी केवल ट्रस्टी की हैसियत से ही संपत्ति प्राप्त करता है एवं उस पर उत्तराधिकारियों को संपत्ति सुपुर्द करने का दायित्व होता है।



*ज्वाइंट अकाउंट में भी किया जा सकता है नॉमिनेशन -
ज्वाइंट अकाउंट में सभी होल्डर की सहमति से नॉमिनेशन किया जा सकता है, लेकिन न‍ॉमिनी को संपत्ति प्राप्त करने का अधिकार सभी होल्डर की मृत्यु के उपरांत ही मिल पाता है।



*नॉमिनेशन करना अनिवार्य नहीं होता है - नॉमिनेशन सुविधा एक वैकल्पिक सुविधा है, परंतु लंबी न्यायिक प्रक्रिया एवं खर्चों से बचने के लिए नॉमिनेशन जरूर करना चाहिए।



यदि आपने नॉमिनेशन नहीं कर रखा है या परिस्थितियों में बदलाव पर नॉमिनी के नाम में परिवर्तन नहीं किया है तो उसे प्राथमिकता से कर लेना चाहिए।


 


यह लेख अरिहंत कैपिटल मार्केट के चीफ फाइनेंशियल प्लानर उमेश राठी ने लिखा है। umesh.rathi@arihantcapital.com पर उमेश राठी से संपर्क किया जा सकता है।