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फिक्स्ड डिपॉजिट का विकल्प बना एफएमपी

प्रकाशित Sat, 09, 2011 पर 10:53  |  स्रोत : Moneycontrol.com

9 जुलाई 2011



सीएनबीसी आवाज़



देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानि एसबीआई ने डिपॉजिट पर ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। एसबीआई ने 1-10 साल के लिए 9.25 फीसदी ब्याज दर रखी है। माना जा रहा है कि इससे बैंकों के बीच डिपॉजिट रेट बढ़ाने की होड़ लग सकती है।



स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 1-10 साल के डिपॉजिट पर 1 फीसदी ब्याज बढ़ा कर 9.25 फीसदी किया है। पर अगर आप थोड़ा रिसर्च करेंगे तो पाएंगे की दूसरे बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट पर इससे ज्यादा ब्याज दे रहे हैं। आईडीबीआई बैंक 1 साल के डिपॉजिट पर 9.5 फीसदी, 3-5 साल के डिपॅजिट पर 10 फीसदी और 10 साल के डिपॉजिट पर 9.75 फीसदी ब्याज दे रहा है।



वहीं यूनियन बैंक 5 साल के डिपॉजिट पर करीब 9.5 फीसदी ब्याज दे रहा है। कॉर्पोरेशन बैंक भी 1 साल के डिपॉजिट पर 9.25 फीसदी से थोड़ा ज्यादा ब्याज दे रहा है। ये तो हुई फिक्स्ड डिपॉजिट की बात।



और अगर आप फिक्सड डिपॉजिट में पैसा नहीं लगाना चाहते और थोड़ा ज्यादा रिटर्न चाहते हैं तो आपके लिए फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लान भी अच्छा विकल्प है।



फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लान यानि एफएमपी म्युचुअल फंड कंपनियां जारी करती हैं। एफएमपी में 3 महीने से 3 साल तक का मैच्योरिटी पीरियड होता है। फंड हाउस निवेशकों का पैसा कॉर्पोरेट डिपॉजिट और गर्वमेंट सिक्योरिटी में लगाती हैं।



फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लान में फिक्सड डिपॉजिट के मुकाबले टैक्स के बाद ज्यादा रिटर्न मिलता है। 1 साल से ऊपर के एफएमपी पर आपको 10 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है। फिक्सड डिपॉजिट का ये अच्छा विकल्प है पर एफएमपी में पैसा लगाना थोड़ा जोखिम भरा माना जाता है।



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