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क्या मृतक का भी रिटर्न फाइल करना होगा

प्रकाशित Sat, 09, 2011 पर 15:08  |  स्रोत : Moneycontrol.com

9 जुलाई 2011

सीएनबीसी आवाज़



आयकर अधिनियम के प्रावधानों के तहत मृत की आय पर टैक्स अदा करने का दायित्व उसी प्रकार होता है, जिस प्रकार किसी जीवित व्यक्ति का दायित्व होता है। साथ ही, रिटर्न दाखिल करने संबंधी जो प्रावधान जीवित व्यक्ति पर लागू होते हैं, वही मृतक पर भी लागू होते हैं। बस फर्क इतना होता है कि जीवित व्यक्ति स्वयं/अधिकृत व्यक्ति द्वारा अपनी आय पर टैक्स अदा कर रिटर्न दाखिल करता है, परंतु मृतक की दशा में लीगल रिप्रेजेंटेटिव/निष्पादक को टैक्स अदा करने एवं रिटर्न दाखिल करने का दायित्व होता है।



लीगल रिप्रेजेंटेटिव/निष्पादक द्वारा मृतक की आय पर तब तक टैक्स चुकाने एवं रिटर्न दाखिल करने का दायित्व होता है, जब तक कि मृतक की संपत्ति पूर्ण रूप से वारिसों के मध्य विभाजित नहीं हो जाए अथवा मृतक की संपत्ति पर आय बंद न हो जाए।



मृतक का रिटर्न दाखिल करते समय उन सभी कटौतियों का लाभ ले सकते हैं, जो जीवित व्यक्ति पर लागू होती हैं।



लीगल रिप्रेजेंटेटिव/निष्पादक अपनी स्वयं की आय पर पृथक रूप से टैक्स अदा कर रिटर्न दाखिल कर सकता है।



आयकर अधिनियम की धारा १५९ एवं १६८ में विभिन्न परिस्थितियों में किस व्यक्ति का मृतक की आय पर टैक्स अदा कर रिटर्न दाखिल करने का दायित्व है, का उल्लेख किया गया है, वह निम्न प्रकार है-



* वसीयत निष्पादित नहीं होने की दशा में- आयकर अधिनियम की धारा १५९ के तहत यदि मृतक द्वारा वसीयत निष्पादित नहीं की गई है तो मृतक के लीगल रिप्रेजेंटेटिव को मृतक की आय पर टैक्स अदा करने एवं रिटर्न दाखिल करने का दायित्व होता है।



यदि मृतक का एक ही वारिस है तो वह लीगल रिप्रेंजेंटेटिव होगा, परंतु एक से अधिक वारिसों की स्थिति में सभी वारिसों के मध्य सहमति होकर एक को आयकर संबंधी कार्य के लिए लीगल रिप्रेजेंटेटिव नियुक्त किया जाएगा।



आयकर अधिनियम की धारा १६७ के तहत लीगल रिप्रेजेंटेटिव को अन्य वारिसों के हिस्से से उनके हिस्से के बराबर टैक्स की राशि वसूलने का अधिकार होगा।



* वसीयत निष्पादित होने की दशा में- आयकर अधिनियम की धारा १६८ के तहत यदि मृतक ने वसीयत निष्पादित कर निष्पादक की नियुक्ति की है तो निष्पादक को मृतक की आय पर टैक्स अदा करने एवं रिटर्न दाखिल करने का दायित्व होता है। साथ ही धारा १६९ एवं १६२ के तहत निष्पादक को अधिकार होता है कि मृतक की संपत्ति में से टैक्स की अदा की गई राशि वसूल कर सकता है।



अतः यदि आप किसी मृतक के लीगल रिप्रेजेंटेटिव अथवा निष्पादक की श्रेणी में आते हैं तो मृतक की आय पर अनिवार्य रूप से टैक्स अदा कर नियत तिथि के पूर्व आयकर रिटर्न दाखिल करें।


 


यह लेख अरिहंत कैपिटल मार्केट के चीफ फाइनेंशियल प्लानर उमेश राठी ने लिखा है।umesh.rathi@arihantcapital.com पर उमेश राठी से संपर्क किया जा सकता है।