होम लोनः भविष्य की जरूरत भी करे पूरी -
Moneycontrol » समाचार » फाइनेंशियल प्लानिंग

होम लोनः भविष्य की जरूरत भी करे पूरी

प्रकाशित Mon, 11, 2011 पर 13:04  |  स्रोत : Moneycontrol.com

11 जुलाई 2011

बैंक बाजार डॉटकॉम


क्या आप जानते हैं कि आपको होम-लोन देने वाला बैंक भविष्य की जरूरतें पूरी करने के लिए आपका सबसे अच्छा साथी साबित हो सकता है। क्योंकि ये आपके घर के बदले आपको मॉर्टगेज मुहैया कराता है। मौजूदा देनदार आपके होमलोन के बदले आपको टॉप-अप लोन भी दे सकता है और इसके लिए आपको किसी अतिरिक्त कागजी कार्रवाई और कोलेट्रल की जरूरत भी नहीं होगी।


 
टॉप-अप लोन का सिद्धांत
रिलायंस कम्यूनिकेशन्स के सीनियर मैनेजर, विशाल मेनन ने कार खरीदने के लिए कार लोन लेने का फैसला किया। उन्हें पता चला कि बैंक 12 फीसदी ब्याज दर से कार लोन दे रहें हैं। उन्होंने टॉप-अप लोन लेने के लिए अपने होमलोन प्रदाता बैंक का रुख किया। विशाल मेनन के होमलोन का 9 साल का टेन्योर बाकी था और बैंक ने 9.5 फीसदी की फ्लोटिंग ब्याज दर से 4 लाख रुपये का टॉप-अप लोन दे दिया। इस तरह विशाल मेनन ने कार लोन के लिए साफ 2.5 फीसदी की ब्याज की छूट हासिल कर ली।



एक बार अपने बैंक को साबित कर देते हैं कि आप अपने होमलोन को चुकाने में सक्षम हैं तो आप बैंक से आसानी से टॉप-अप लोन मांग सकते हैं। ये टॉप-अप लोन पर्सनल लोन की तरह काम कर सकते हैं और आपकी होम इंटीरियर, बच्चे की शिक्षा या शादी जैसी किसी भी जरूरत को पूरा कर सकते हैं।



मुख्य रूप से टॉप-अप लोन दूसरे लोन की तरह माना जाता है और इसकी ब्याज दर आपके मौजूदा होमलोन से (अमूमन 1-1.5 फीसदी) थोडी सी ज्यादा होती है। इसके लिए आपको अलग से प्रोसेसिंग शुल्क चुकाने पड़ सकते हैं। टॉप-अप लोन का टेन्योर उतना ही लंबा हो सकता है जितना आपके होमलोन का टेन्योर बाकी बचा हुआ है। इसके जरिए आप पैसा बचा सकते हैं।



कौन कितना कर्ज ले सकता है?
बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां मौजूदा लेनदारों को उसी सूरत में टॉप-अप लोन देती हैं अगर उन्होंने पहले लोन की कम से कम 6 रिपेमेंट किश्त दे दी हों। ये लोन आपके मौजूदा लोन का विस्तार माना जा सकता है।



हालांकि बैंक इस बात को नहीं देखते कि आप इस पैसे को कैसे खर्च करेंगे। बैंक, फाइनेंस कंपनियां केवल ये देखती हैं कि आप अपने मौजूदा होमलोन को चुकाने में कितने सक्रिय हैं। अगर आपके रिपेमेंट इतिहास में कोई कमी हो तो देनदार आपको टॉप-अप लोन देने में आनाकानी कर सकता है।



आपको टॉप-अप लोन के रूप में कितनी रकम मिलेगी ये इस बात पर निर्भर करता है कि वर्तमान में आपकी प्रॉपर्टी की मार्केट वैल्यू कितनी है। जितनी ज्यादा आपकी प्रॉपर्टी की वैल्यू बढ़ी है उतनी ज्यादा रकम आपको टॉप-अप लोन के रूप में मिल जाएगी। साथ ही ये भी देखा जाता है कि कर्जधारक की मौजूदा रिपमेंट क्षमता कैसी है और कितना होमलोन चुकाया जा चुका है। इन सब बातों के आधार पर बैंक तय करता है कि आप टॉप-अप लोन लेने के कितने काबिल हैं।



इन सबके अलावा बैंक की उधार-नीति भी आपके टॉप-अप लोन की रकम तय कर सकती है। कुछ बैंक आपने पहले जो लोन लिया है उसको आधार मानकर सीमित टॉप-अप लोन देते हैं। कुछ बैंक कितना लोन बचा है, संपत्ति की मार्केट वैल्यू और रिपेमेंट की क्षमता को आधार मानकर टॉप-अप लोन की रकम बढ़ा सकते हैं।

अन्य बातें
टॉप-अप लोन को बैंक अलग लोन की तरह देखते हैं और इन पर किसी तरह की टैक्स छूट नहीं मिलती है। हाउसिंग लोन पर मिलने वाली टैक्स छूट का फायदा सिर्फ पहले लोन पर ही मिल सकता है।



टॉप-अप लोन केवल उसी सूरत में लेने चाहिए अगर आपको लंबी अवधि के लिए पैसे की जरूरत हो। अगर छोटी अवधि के लिए पैसे चाहिए तो टॉप-अप लोन लेने के बजाए अपने दोस्तों से उधार लें या गोल्ड लोन का सहारा लें तो बेहतर रहेगा। अगर छोटी अवधि में तुरंत पैसे की जरूरत हैं तो बैंक की ओवरड्राफ्ट सुविधा लेना भी ठीक विकल्प है।


 


अगर बिना लोन लिए पैसे की जरूरत पूरी नहीं हो सकती है तो टॉप-अप लोन सबसे बढ़िया विकल्प रहेगा। इसमें आपको मनपसंद लोन टेन्योर और सस्ती ब्याज दरों को दोहरा फायदा मिल सकता है।



बैक बाजार डॉटकॉम पर आप सस्ते लोन की जानकारी ले सकते हैं, विभिन्न लोन के बीच तुलना कर सकते हैं। इसके अलावा भारतीय बैंको और एनबीएफसी से पर्सनल लोन, होम लोन, कार लोन और क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन भी कर सकते हैं।



डिस्क्लेमरः यद्यपि हमने अपने कंटेट (लेख और सूचनाओं) को पूरी तरह सही बनाने के पूरे प्रयास किए हैं। फिर भी किसी भी वित्तीय नुकसान (जिसमें इस बेवसाइट के कंटेंट या सूचना का इस्तेमाल हो) के लिए वेबसाइट या इसकी विषय सामग्री को जिम्मेदार नहीं माना जाएगा।