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इनकम टैक्स पर टैक्स गुरू की सलाह

प्रकाशित Sat, 23, 2011 पर 13:57  |  स्रोत : Moneycontrol.com

23 जुलाई 2011

सीएनबीसी आवाज़



टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया बता रहे हैं किस तरह भरे इनकम टैक्स रिटर्न और कैसे बचाएं टैक्स।


सवाल: मेरी सैलरी 2.6 लाख रुपये सालाना है। कंपनी में पैन कार्ड नहीं जमा कराने पर सैलरी का 20 फीसदी हिस्सा टैक्स के तौर पर काट लिया गया। वहीं पिछले साल कंपनी ने कोई टैक्स नहीं काटा था। क्या पैन कार्ड जमा नहीं करने पर टैक्स कटता है ?


सुभाष लखोटिया: कंपनी से टीडीएस काटा जाना चाहिए, यदि कपंनी ने ज्यादा टैक्स काटा है तो इसके बारे में कंपनी को बताएं। वहीं पैन नंबर देखकर खुद रिटर्न फाइल करना ज्यादा बेहतर होता है। इसके अलावा काटे गए टैक्स रिफंड के लिए क्लेम कर सकते हैं। नई कंपनी में नियुक्ति होने पर हमेशा कंपनी को पैन कार्ड की कॉपी मुहैया कराएं।


सवाल: मुझे बैंक एफडी से इनकम होती है। किस आईटीआर फार्म में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना चाहिए ?


सुभाष लखोटिया: बैंक में जमा एफडी से मिलने वाला ब्याज से आय होती है और इसके अलावा आय का कोई दूसरा स्त्रोत नहीं है तो आईटीआईआर फार्म-1 भरना चाहिए। वहीं बैंक के ब्याज से मिलने वाली आय यदि छूट सीमा से कम है तो फार्म 15जी बैंक में जमा करें जिससे टीडीएस नहीं कटेगा।


सवाल: मैं पिछले 18 साल से मस्कट में रह रहा हूं। ऑनलाइन आईटीआर फार्म-2 का रिटर्न कैसे भर सकते हैं। साथ मेरा डिजिटल सिग्नेचर रजिस्टर्ड नहीं है। रिटर्न भरने पर इसका एक्नॉलेजमेंट कैसे मिलेगा ?


सुभाष लखोटिया: मस्कट से भी ऑनलाइन रिटर्न आसानी से भरा जा सकता है। रिटर्न भरने के लिए सरकारी वेबसाइट incometaxindia.gov.in या incometaxindiaefilling.gov.in पर लॉगिन करके रिटर्न फॉर्म-2 भरा जा सकता है। रिटर्न भरने की प्रक्रिया खत्म होने पर आईटीआर वी की कॉपी मिलेगी। आईटीआर वी कॉपी बंगलुरू के इनकम कार्यलय में भेज दें। वहीं डिजिटल सिग्नेचर के तहत रिटर्न भरते हैं तो आईटीआर वी की कॉपी बंगलुरू भेजने की आवश्यकता नहीं होती।


सवाल: मेरी पत्नी को ट्यूशन क्लासेस से इनकम होती है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए आईटीआर फार्म भरना है, क्या फार्म के साथ बैलेंस शीट लगाना जरूरी है ?


सुभाष लखोटिया: ट्यूशन से यदि आय होती है तो आईटीआर फार्म-4 भरना होता है। वहीं इस तरह की आय में रिटर्न फार्म के साथ बैलेंस शीट लगाने की जरूरत नहीं होती है। फार्म में ही आय ब्यौरा देना होता है। बिजनेस फर्म या प्रोफेशनल व्यक्ति को बैलेंस शीट तैयार करनी होती है।


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