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बजट प्रबंधन के 3 आसान तरीके

प्रकाशित Wed, 27, 2011 पर 15:32  |  स्रोत : Moneycontrol.com

27 जुलाई 2011

सीएनबीसी आवाज़

 


प्रणव और विश्वदीप एक ही कंपनी में काम करते हैं, समान पद और समान आय मिलती है। फिर भी विश्वदीप अपने वित्तीय मामलों में ज्यादा नियंत्रित और खुश रहता है। अगर प्रणव से पूछा जाए कि उसके लोन का आउटस्टैंडिंग अमाउंट कितना है और नेटवर्थ कितनी है तो उसे इसका उत्तर देने में वक्त लगेगा या फिर उसे पता ही नहीं होगा। जबकि विश्वदीप के पास इसका सटीक उत्तर और पाई-पाई का हिसाब भी मिल जाएगा।


 


तो इससे जाहिर जाता है कि विश्वदीप के पास ज्यादा आर्थिक स्थिरता के कारण मौजूद है। ये व्यक्तिगत फाइनेंस के लिए सबसे खास ऐसेट में से एक है। इसका कारण है कि विश्वदीप अपने सभी खर्चों और आय व्यय का हिसाब रखता है। अपने पेन और नोटपैड जैसे छोटे टूल के जरिए वो आर्थिक स्थिरता जैसी बड़ी चीज को हासिल कर लेता है।




बजट बनाना और इसको मेंटेन करना


हम सभी की तरह विश्वदीप भी बजट बनाता है। लेकिन एक खास बात है कि उसके बजट में हर छोटी से छोटी और हर बड़ी से बड़ी रकम का हिसाब रखा जाता है। बल्कि उसकी डायरी लंबे पन्नों की होती है जिससे कि एक चीज या एक दिन का हिसाब एक ही पन्ने पर आ सके। उसके निवेश, आमदनी, बचत और खर्चे के ऑर्डर में बजट लिखा जाता है। दिमागी गुणाभाग करने की बजाए वो अपने खर्चों को लिखित में लिखकर फालतू खर्चों से बच सकता है और अपने निवेश के जरिए अतिरिक्त पैसा बचा सकता है।


 


महीने के आखिर में जब आप अपना बजट जांचते हैं और पता चलता है कि अभी भी कुछ रकम शेष है, तो इस खुशी को बयान करना एक कठिन काम है। अगर हम लोग बजट नहीं बनाते हैं तो काफी संभावना होती है कि हम जरूरी खर्चों का हिसाब भूल जाएं, मासिक हिसाब-किताब में कुछ गड़बड़ कर दें। सबसे जरूरी बात कि हम पिछले महीने के खर्च से इस महीने के खर्च की तुलना भी नहीं कर पाते हैं।


साथ ही बजट ना बनाने का सबसे बड़ा नुक्सान ये है कि हम फालतू खर्चे कर जाते हैं जो बाद में पैसे की बरबादी ही लगता है। लिखकर बजट बनाने से आपको एहसास होगा कि आप कहां बचत कर सकते थे। अपने खर्चों का लिखित सबूत आपको मानसिक रुप से स्पष्ट संकेत दे सकता है।



सिर्फ 10 मिनट हर दिन


बजट लिखने की आदत के तहत हर लेन-देन, भुगतान, खर्च का हिसाब लिखना बहुत अच्छी आदत है। इसके तहत वो 50 पैसे भी लिखें जो आपने एक रिफिल खरीदन के लिए खर्च किए हों। हो सकता है कि आपको ये फालतू लगे लेकिन बजट और हिसाब रखने से आपको पता लगेगा कि आपकी छोटी-छोटी बचत आपके कितने काम आ सकती है।


 


जब आप अपने दैनिक खर्चों का हिसाब नहीं रखते हैं तो आपको पता ही नहीं चलता कि छोटी जरूरतों पर आप कितना बड़ा खर्च कर रहे हैं। 2 रुपये पार्किंग टिकट, 5 रुपये सिगरेट पर, टोल फीस पर 10 रुपये और दिन के अखबार पर 3.50 रुपये और इसी तरह के और अन्य खर्चे। आप हिसाब लगाएं तो देखेंगे कि आपने 25 रुपये रोज के हिसाब से एक महीने में 750 रुपये खर्च किए हैं। अगर ये छोटी रकम आपने किसी अच्छे म्यूचुअल फंड में लगाए होते तो आपको 25 साल में 1 करोड़ रुपये की रकम मिल चुकी होती।




हर रोज सिर्फ 10 मिनट बजट लिखने के लिए लगाने की आदत ही बना लें। अपने हर खर्च का हिसाब लिखें और आप जानेंगे कि आपकी पूंजी कहां जा रही है।


 



हर 15 दिनों में ये जरूर करें


हर महीने की 10 और 25 तारीख को अपने वित्तीय खर्चों का पूरा विवरण देखता है। इसमें बैंकिंग अकाउंट, अपने क्रेडिट की जानकारी अपडेट करना और उनकी जांच करना शामिल हैं।


 


आप अच्छी तरह जांच लें कि क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट में कोई गलती ना हो और आपके निवेश का हिसाब और आर्थिक संस्थानों से हुए कागजाती पत्राचार का पूरा रिकॉर्ड रखें। इससे ना सिर्फ आप कोई भी गल्ती तुरंत पकड़ सकते हैं बल्कि फौरन इसमें सुधार भी कर सकते हैं। सही डेटा आपको बैंक, वित्तीय संस्थानों द्वारा की जाने वाली गलती से अच्छे बचा सकती हैं।


 


आप हर महीने सभी बिल भरते हैं लेकिन उसका रिकॉर्ड भी रखें। ये नहीं कि बिल भरा और भूल गए और उसकी कोई रसीद वगैरह संभाल कर ना रखने से आपको ही परेशानी उठानी पड़ सकती है। साथ ही इससे आपको अपने मासिक हिसाब को सटीक रखने में भी मदद मिलेगी। बजट बनाने की आदत बनाने के बाद 4-5 महीनों के भीतर आपको इस बात का अहसास हो जाएगा कि आपने अपने खर्चों, और पैसों पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया है।



और सबसे अंत में सबसे जरूरी बातः


वैसे तो भगवान ने हमारे दिमाग को इतना काबिल बनाया है कि इसमें हर छोटी-बड़ी याद आसानी से शामिल हो जाती है लेकिन पैसे के मामले में सिर्फ अपने दिमाग पर भरोसा ना करें। अपने व्यक्तिगत फाइनेंस के जरूरी तथ्यों को याद रखने के लिए कागज की मदद लेने में कोई बुराई नहीं है।


 


अपना बजट मेंटेन करते ही आपको पता चल जाएगा कि आपकी जिंदगी में कितना बड़ा बदलाव आ गया है और इसे आपको पहुत पहले कर लेना चाहिए था।


 


बैक बाजार डॉटकॉम पर आप सस्ते लोन की जानकारी ले सकते हैं, विभिन्न लोन के बीच तुलना कर सकते हैं। इसके अलावा भारतीय बैंको और एनबीएफसी से पर्सनल लोन, होम लोन, कार लोन और क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन भी कर सकते हैं।


 


डिस्क्लेमरः यद्यपि हमने अपने कंटेट (लेख और सूचनाओं) को पूरी तरह सही बनाने के पूरे प्रयास किए हैं। फिर भी किसी भी वित्तीय नुकसान (जिसमें इस बेवसाइट के कंटेंट या सूचना का इस्तेमाल हो) के लिए वेबसाइट या इसकी विषय सामग्री को जिम्मेदार नहीं माना जाएगा।