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टैक्स रिटर्न भरने के सवालों के फटाफट जवाब

प्रकाशित Sat, 30, 2011 पर 12:59  |  स्रोत : Moneycontrol.com

30 जुलाई 2011

सीएनबीसी आवाज़



टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया के मुताबिक अभी तक आयकर रिटर्न नहीं भरा है तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। आयकर विभाग की वेबसाइट incometaxindiaefiling.gov.in पर जाकर ई-रिटर्न भर सकते हैं, याद रखें हर साल 31 जुलाई तक आयकर रिटर्न भरना जरूरी है। जिन्होंने अभी तक आयकर रिटर्न फाइल नहीं किया है वो फटाफट अपना रिटर्न भर दें।



5 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स नहीं

कर्मचारियों को 5 लाख रुपये तक की आय पर आयकर रिटर्न नहीं भरना होगा। हालांकि ये तभी लागू होगा जब आपके सेविंग खाते से आने वाली ब्याज आय 10,000 रुपये से ज्यादा ना हो और आपके सेविंग खाते के ब्याज पर एम्पलॉयर ने टीडीएस काट लिया हो।



बैंक एफडी से आय पर कौनसा फॉर्म भरें
बैंक एफडी से आय आती है तो आईटीआर 1 भरना होगा और सहज फॉर्म के रूप में आयकर रिटर्न फाइल कर सकते हैं। चाहे कितने भी बैंक में एफडी हो सभी की आय मिलाकर रिटर्न भरें।



प्रॉपर्टी पर टैक्स
प्रॉपर्टी बेचने से मिली आय को 3 साल के बाद किसी नई प्रॉपर्टी खरीदने में लगा दिया है तो इस आय पर टैक्स नहीं लगेगा क्योंकि ये कैपिटल गेन के दायरे में आ जाएगा।



पेंशन के साथ अन्य आय के लिए सही फॉर्म
ब्याज, अन्य आय और कंसलटेंसी से आय आती है इसे कारोबार से आनेवाली आय माना जाएगा। आईटीआर4 भरें और फॉर्म के पार्ट ए के प्रॉफिट और लॉस कॉलम में कंसल्टेंसी से आने वाली आय लिखें।


 


अगर कृषि से आनेवाली आय 5000 रुपये से कम है तो आईटीआर फॉर्म1 भरना होगा वहीं 5000 रुपये से ज्यादा कृषि आय होने पर आईटीआर फॉर्म2 भरना होगा।



शेयर ट्रेडिंग से होनेवाली आय के लिए फॉर्म
एफएंडओ में लॉस होने पर लॉस कैरी फॉर्वर्ड करना चाहते हैं तो रिटर्न फाइल करने के लिए आईटीआर4 भरना होगा।

इक्विटी में इंट्राडे लॉस होने पर आईटीआर4 भरें। याद रखें आखिरी तारीख से पहले फॉर्म नहीं भरा है तो आगे जाकर इंट्राडे लॉस पर मिलने वाले टैक्स छूट का फायदा नहीं मिलेगा।



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