Facebook Pixel Code = /home/moneycontrol/commonstore/commonfiles/header_tag_manager.php
Moneycontrol » समाचार » टैक्स

वेल्थ टैक्स रिटर्न फाइल करने संबंधी प्रावधान

प्रकाशित Sat, 30, 2011 पर 13:57  |  स्रोत : Moneycontrol.com

30 जुलाई 2011


सीएनबीसी आवाज़


 


व्यक्तिगत एवं एचयूएफ करदाता जो ऑडिट की श्रेणी में नहीं आते हैं, के लिए वेल्थ टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित है। जिन करदाता की शुद्ध संपत्ति का बाजार मूल्य वित्तीय वर्ष की अंतिम तारीख अर्थात 31 मार्च 2011 को 30 लाख रुपए से अधिक रही हो उन्हें 30 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति पर एक फीसदी की दर से वेल्थ टैक्स अदा कर वेल्थ टैक्स रिटर्न फाइल करना अनिवार्य है।



ऐसी संपत्तियां जो वेल्थ टैक्स के दायरे में आती हैं उनमें जिन संपत्तियों पर लोन ले रखा है उसका समायोजन कर बची हुई संपत्ति शुद्ध संपत्ति कहलाती है।



निम्न संपत्तियां वेल्थ टैक्स के दायरे में आती हैं :



*
ऐसे भूमि, भवन जो कि नगर पालिका/ नगर निगम से 25 किलोमीटर के दायरे में आते हो, चाहे उनका उपयोग रहवासी (कुछ अपवादों को छोड़कर) कमर्शियल, गेस्ट हाउस या फार्म हाउस का हो



*
व्यक्तिगत उपयोग में आने वाली मोटर गाड़ियां



*
सोना, चांदी, जवाहरात अन्य बहुमूल्य धातु/ पत्थर



*
व्यक्तिगत उपयोग में आने वाले एयर क्राफ्ट बोट जहाज आदि



*
शहरी क्षेत्र की जमीन/ प्लॉट



* 50
हजार रुपए से अधिक नकद राशि



निम्न संपत्तियां वेल्थ टैक्स के दायरे में नहीं आती हैं :



*
व्यक्तिगत उपयोग का एक रहवासी मकान/ फ्लेट



*
ऐसा रहवासी मकान/ फ्लेट, जिसे वित्तीय वर्ष में कम से कम तीन हजार दिन किराए पर दिया गया हो



*
शेयर, म्‍युचुअल फंड, बांड, बैंक डिपॉजिट, गोल्ड डिपॉजिट बांड आदि



*
व्यावसायिक उपयोग में आने वाला सोना, चांदी, जवाहरात या अन्य बहुमूल्य धातु



*
किराए पर चलने वाली मोटर गाड़ी



*
कमर्शियल कॉम्प्लेक्स/ एस्टेब्लीशमेंट जो किराए पर दिए गए हैं



*
ऐसी शहरी भूमि जिस पर निर्माण की अनुमति नहीं हो



*
स्वयं के व्यवसाय या पेशे के उपयोग में आने वाली संपत्ति



संपत्ति का मूल्यांकन : संपत्ति का मूल्यांकन डिपार्टमेंट द्वारा अधिकृत वेल्यूअर से करवाया जाना चाहिए। समय पर वेल्थ टैक्स रिटर्न फाइल कर निम्न परेशानियों से बचा जा सकता है :



ब्याज : नियत तिथि पर वेल्थ टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करने पर अधिनियम की धारा 17-बी के तहत बकाया टैक्स पर एक फीसदी की दर से ब्याज अदा करना होता है।



जुर्माना : वेल्थ टैक्स अदा नहीं करने पर अधिनियम की धारा 15-बी (3) के तहत बकाया टैक्स की राशि का 100 फीसदी प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है।



ध्यान दें : जो करदाता ऑडिट की श्रेणी में आते हैं उनके लिए रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित है।